झारखंड पुलिस बनायेगी WhatsApp ग्रुप: DGP का निर्देश, थाना स्तर पर बनाया जायेगा व्हाट्सएप ग्रुप, थाना प्रभारी होंगे ग्रुप एडमिन, जानिये कौन-कौन जुड़े होंगे ग्रुप से….
Jharkhand Police to create WhatsApp groups: DGP directs, WhatsApp groups to be created at police station level, station in-charges to be group admins, find out who will be connected to the group.

झारखंड पुलिस ने थाना स्तर पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाने की पहल शुरू की है, जिससे आम जनता और पुलिस के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा और अपराध नियंत्रण में तेजी आएगी।
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Jharkhand Police News: झारखंड में पुलिस ने बड़ी पहल की है। ये पहल आम जनता के साथ पुलिस के रिश्ते को ना सिर्फ मजबूत करेगा, बल्कि तत्काल सुविधा भी मुहैय्या करायेगा। राज्य के डीजीपी ने निर्देश दिया है कि अब हर थाना स्तर पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जाएंगे, जिनके जरिए स्थानीय लोगों को सीधे पुलिस से जोड़ा जाएगा।
थाना स्तर पर बनेगा सूचना नेटवर्क
WhatsApp ग्रुप का उद्देश्य गुप्त सूचना तंत्र को मजबूत करना, थाना स्तर पर जानकारी जुटाने की प्रक्रिया को तेज करना और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। प्रस्तावित व्हाट्सएप ग्रुप में थाना क्षेत्र के सभी मोहल्लों के सम्मानित नागरिकों को जोड़ा जाएगा, ताकि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या घटना की जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंचा सकें।डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि इस ग्रुप के माध्यम से मिलने वाली सूचनाओं पर पुलिस तत्काल कार्रवाई करेगी, जिससे अपराध नियंत्रण में तेजी आएगी।
“पुलिस आपके द्वार” की दिशा में बड़ा कदम
इस पहल को “पुलिस आपके द्वार” की अवधारणा से जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य है कि पुलिस केवल थाने तक सीमित न रहे, बल्कि सीधे जनता के बीच सक्रिय रूप से मौजूद रहे। इससे न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पारदर्शी होगी, बल्कि आम लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा।
ग्रुप में कौन-कौन होंगे शामिल
मिली जानकारी के अनुसार, प्रत्येक व्हाट्सएप ग्रुप में संबंधित थाना प्रभारी (थानेदार) को एडमिन बनाया जाएगा। इसके अलावा जिले के एसपी, डीएसपी, पंचायत के मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड पार्षद और अन्य स्थानीय गणमान्य नागरिकों को भी इसमें जोड़ा जाएगा।
इस तरह यह ग्रुप पुलिस प्रशासन और समाज के बीच एक मजबूत कड़ी का काम करेगा।
छोटी-छोटी सूचनाएं भी होंगी अहम
इस पहल के तहत लोग छोटी-छोटी लेकिन महत्वपूर्ण सूचनाएं भी साझा कर सकेंगे, जैसे—संदिग्ध गतिविधियां, आपसी विवाद, सड़क दुर्घटनाएं, नशा तस्करी या अन्य असामान्य घटनाएं। इन सूचनाओं के आधार पर पुलिस समय रहते कार्रवाई कर सकेगी, जिससे बड़ी घटनाओं को रोका जा सकेगा।
नेशनल पुलिस कॉन्क्लेव में भी मिला जोर
गौरतलब है कि हाल ही में आयोजित नेशनल पुलिस कॉन्क्लेव में भी इस बात पर जोर दिया गया था कि पुलिस और आम जनता के बीच नजदीकी संबंध स्थापित किए जाएं। साथ ही पुलिस की उपलब्धियों और कार्यों को भी लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई गई थी।
प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश
डीजीपी ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि इस योजना को गंभीरता से लागू किया जाए और हर थाना क्षेत्र में इसे प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि जो क्षेत्र इस पहल को बेहतर तरीके से लागू करेंगे, उन्हें प्रोत्साहित भी किया जाएगा।पुलिस मुख्यालय का मानना है कि इस पहल से जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी और पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ेगा। साथ ही अपराध नियंत्रण में समाज की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।









