झारखंड: छी! ये कैसी मां है भाई… प्यार में ऐसी पगलाई, प्रेमी के साथ मिलकर बेटे की ही कर दी हत्या, दोनों पुलिस की गिरफ्त में…

Jharkhand: Yuck! What kind of mother is this? She's so madly in love that she, along with her lover, murdered her own son. Both are in police custody.

15 वर्षीय आयुष साहा की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस जांच में सामने आया कि किशोर की हत्या उसकी सौतेली मां मीनू देवी ने अपने प्रेमी रोहित साहा के साथ मिलकर की थी। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

Crime News : झारखंड में एक मां इश्क में इस कदर अंधी हुई, कि अपने बेटे की ही जान ले ली। पुलिस ने अब कलयुगी मां और उसके आशिक को गिरफ्तार कर लिया है। झारखंड के साहिबगंज जिले के बरहड़वा थाना इलाके में ये पूरी घटना हुई थी।

15 वर्षीय आयुष साहा हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। मामले की जांच के बाद पुलिस ने मृतक किशोर की मां मीनू देवी और उसके कथित प्रेमी रोहित साहा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

पुलिस के अनुसार, बरहड़वा थाना क्षेत्र के रतनपुर निवासी आयुष साहा 7 फरवरी को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिवार द्वारा काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला, तब पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।

पुलिस की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आयुष की सौतेली मां मीनू देवी का अपने भांजे रोहित साहा के साथ अवैध संबंध था। रोहित साहा धर्मपुर का रहने वाला है और अक्सर महिला के संपर्क में रहता था।

घटना वाले दिन 7 फरवरी को आयुष के पिता हेमंत साहा किसी काम से घर से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान मीनू देवी ने रोहित साहा को घर बुलाया। पुलिस जांच में यह सामने आया कि दोनों घर के पीछे आपत्तिजनक स्थिति में थे। इसी बीच आयुष वहां पहुंच गया और उसने दोनों को देख लिया।

बताया जाता है कि इस बात से घबराकर दोनों आरोपियों ने घटना को छुपाने की साजिश रची। परिवार के अन्य सदस्यों को जानकारी न हो, इस डर से आयुष के गले में फंदा डालकर उसकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को घर के पीछे स्थित तालाब जैसे गड्ढे के पास रख दिया गया और बाद में पानी में फेंक दिया गया।

पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ के दौरान मीनू देवी ने खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। उसने दावा किया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने आयुष की हत्या कर शव तालाब में फेंक दिया है। हालांकि, घटनास्थल के निरीक्षण, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को संदेह हुआ।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आयुष के गले पर फंदे का स्पष्ट निशान पाया गया, जिससे हत्या की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, जिसमें दोनों आरोपी टूट गए और अपराध कबूल कर लिया।पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और दुख है।

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