झारखंड- थप्पड़ मारना पूर्व मंत्री को कितना पड़ेगा भारी, कांग्रेस अध्यक्ष ने उठायी सुरक्षा की मांग, मामला दर्ज होने के बाद…

Jharkhand- How much will slapping cost the former minister, Congress president raised the demand for security, after the case was registered...

पलामू। पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी की मुश्किलें बढ़नी तय है। झारखंड की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। राज्य के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री केएन (कृष्णानंद) त्रिपाठी पर उनके ही बॉडीगार्ड से मारपीट करने और जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में मेदिनीनगर टाउन थाना में उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।

 

कांग्रेस अध्यक्ष ने उठाई सुरक्षा की मांग

मामले के तूल पकड़ने के बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर त्रिपाठी की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है। पत्र में उन्होंने कहा कि त्रिपाठी को जान का खतरा हो सकता है, इसलिए उन्हें तुरंत दो से चार सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराए जाएं। इस पत्र को खुद केएन त्रिपाठी ने मीडिया के साथ साझा किया है।

 

क्या है मामला?

जानकारी के अनुसार, बीते मंगलवार को पूर्व मंत्री त्रिपाठी डालटनगंज से लातेहार के लिए रवाना हुए थे। रास्ते में लातेहार के जुबली चौक पर जाम की स्थिति बन गई। त्रिपाठी ने बॉडीगार्ड को जाम हटाने का आदेश दिया। इसी दौरान कथित रूप से गुस्से में उन्होंने बॉडीगार्ड को थप्पड़ मार दिया और जातिसूचक शब्द भी कहे।

घटना के बाद दोनों बॉडीगार्ड नाराज़ होकर लातेहार थाना पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। वहीं एसडीपीओ की मौजूदगी में उनका अल्कोहल टेस्ट भी कराया गया। अगले दिन दोनों जवान मेदिनीनगर टाउन थाना पहुंचे और लिखित आवेदन देकर एफआईआर दर्ज कराई।

 

जीरो एफआईआर और जांच

इस मामले में दर्ज एफआईआर को जीरो एफआईआर मानते हुए इसकी जांच की जिम्मेदारी एक सब-इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी को सौंपी गई है। थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार ने एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि भी की है।

 

सुरक्षा को लेकर विवाद

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में यह भी कहा है कि 2 सितंबर को त्रिपाठी के बॉडीगार्ड ने उनके साथ जाने से इनकार कर दिया था। इसकी जानकारी लातेहार एसपी और डीआईजी को दी गई थी, लेकिन कोई वैकल्पिक सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई। नतीजा यह हुआ कि उन्हें मजबूरी में अकेले ही रांची की यात्रा करनी पड़ी।

 

सियासत में गरमी

एक तरफ पूर्व मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज हो गया है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का पत्र इस पूरे प्रकरण को और राजनीतिक रंग दे रहा है। अब देखना यह होगा कि इस केस में जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और त्रिपाठी के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।

ashrita

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