झारखंड- दो सस्पेंड: ACB ने दो घूसखोर को किया था गिरफ्तार, अब डीसी ने सस्पेंशन आर्डर किया जारी,
Jharkhand – Two suspended: ACB arrested two bribe-takers, now DC has issued suspension order.

देवघर में एसीबी द्वारा रिश्वत लेते पकड़े गए दो कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। उपायुक्त ने इस संबंध में दोनों के खिलाफ कार्रवाई की है।
________________________________________
देवघर। देवघर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए भू-अर्जन विभाग के प्रधान लिपिक निरंजन कुमार और अनुसेवक नुनदेव प्रसाद यादव को निलंबित कर दिया है। एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) द्वारा दोनों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किए जाने के बाद ये कार्रवाई की गई है। उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दोनों कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की पुष्टि की है।
जानकारी के अनुसार, 13 मार्च को एसीबी की टीम ने जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को घूस लेते हुए पकड़ा था। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए 26 मार्च से दोनों को सेवा से निलंबित मान लिया गया है। प्रशासन के इस कदम को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
रिंग रोड परियोजना पर पड़ा असर
निलंबित प्रधान लिपिक निरंजन कुमार के पास देवघर की महत्वाकांक्षी रिंग रोड परियोजना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण फाइलों की जिम्मेदारी थी। इन फाइलों में नवाडीह, घाघरा, मोहनपुर और उदयपुर समेत 18 से अधिक क्षेत्रों के भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण से जुड़े दस्तावेज शामिल थे।
निलंबन के बाद इन फाइलों पर काम पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे परियोजना की रफ्तार पर असर पड़ा है। खासतौर पर मुआवजा वितरण का कार्य प्रभावित होने से 100 से अधिक रैयतों को रोजाना दफ्तर के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
वैकल्पिक व्यवस्था का अभाव
स्थिति को और गंभीर इस बात ने बना दिया है कि अब तक निरंजन कुमार के स्थान पर किसी अन्य कर्मचारी की नियुक्ति नहीं की गई है। इसके चलते विभागीय कार्यों में भारी अव्यवस्था फैल गई है। प्रशासन पर अब यह दबाव बढ़ता जा रहा है कि जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि रिंग रोड परियोजना का काम पटरी पर लौट सके।
रैयतों में नाराजगी
इस पूरे मामले को लेकर प्रभावित रैयतों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि सरकारी कर्मचारियों की गलती की सजा आम जनता को भुगतनी पड़ रही है। मुआवजा नहीं मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ रहा है और वे लगातार परेशान हो रहे हैं। हालांकि, प्रशासन की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।








