झारखंड शिक्षक न्यूज: नर्सरी व पहली-दूसरी कक्षा के शिक्षक बनने के लिए शुरू होगा नया कोर्स, 50 सीटों के लिए शुरू होगा ECCE डिप्लोमा कोर्स

Jharkhand Teacher News: New course will be started to become a teacher of nursery and first-second class, ECCE diploma course will start for 50 seats

Jharkhand Teacher News : झारखंड में नर्सरी व पहली-दूसरी कक्षा के शिक्षक बनने के लिए नया कोर्स शुरू होने वाला है। ECCE के क्षेत्र में शिक्षकों को तैयार करने के लिए दो वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत यह पहल राज्य के शिक्षण संस्थानों में लागू की जाएगी। इससे बालवाटिका और आंगनबाड़ी जैसी संस्थाओं में प्रशिक्षित शिक्षक नियुक्त किए जा सकेंगे।

 

दरअसल झारखंड में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)–2020 के तहत प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ECCE) को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। राज्य के शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में अब ECCE में दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स की शुरुआत की जाएगी, जिससे बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित शिक्षक तैयार किए जा सकें।

 

मिली जानकारी के मुताबिक यह कोर्स तीन से आठ वर्ष की आयु के बच्चों की समग्र शिक्षा और विकास को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इसमें बच्चों के सामाजिक, संज्ञानात्मक, भावनात्मक और शारीरिक विकास की प्रक्रिया को केंद्र में रखा गया है।

 

JCERT ने तैयार किया पाठ्यक्रम, सुझाव आमंत्रित

झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (JCERT) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर इस पाठ्यक्रम का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। अब इस पर राज्य के सभी संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे गए हैं। राज्य सरकार की स्वीकृति के बाद यह पाठ्यक्रम औपचारिक रूप से लागू हो जाएगा। दिल्ली सहित अन्य राज्यों में लागू पाठ्यक्रमों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का गहन अध्ययन कर तैयार किया गया है।

 

कोर्स की विशेषताएं:

• यह डिप्लोमा 12वीं के बाद किया जा सकेगा।

• राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCF) के अनुसार इसमें कुल 40 क्रेडिट होंगे।

• इनमें 20 क्रेडिट थ्योरी, 12 क्रेडिट प्रैक्टिकल, और 8 क्रेडिट स्कूल अनुभव कार्यक्रम के होंगे।

• अंतिम 90 दिनों की स्कूल आधारित ट्रेनिंग अनिवार्य होगी।

• थ्योरी में न्यूनतम 40% और प्रैक्टिकल में 50% अंक लाना आवश्यक होगा।

नामांकन और संस्थान

• कोर्स में प्रत्येक मान्यता प्राप्त संस्थान में अधिकतम 50 सीटें होंगी।

• शुरुआत में यह पाठ्यक्रम राज्य के जिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों (DIET) में संचालित किया जाएगा।

• इस कोर्स को पूरा करने वाले युवा प्री-नर्सरी, कक्षा-1 और कक्षा-2 के शिक्षक बन सकेंगे।

 

बालवाटिका और आंगनबाड़ी में मिल सकेगी नौकरी

इस डिप्लोमा कोर्स के लागू होने से बालवाटिका और आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रशिक्षित शिक्षकों की बहाली आसान होगी। यह कोर्स राज्य में ECCE के तहत बेहतर और गुणवत्ता युक्त शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा।

 

गढ़वा का कॉलेज ही फिलहाल संचालित करता है कोर्स

झारखंड में वर्तमान में केवल गढ़वा का गुरुपद शिक्षक प्रशिक्षण कॉलेज ही इस कोर्स की पढ़ाई करता है। लेकिन JCERT के सिलेबस के अभाव में वहां के छात्रों की परीक्षा तक नहीं हो पा रही थी। पाठ्यक्रम के औपचारिक लागू होने से अब परीक्षा संभव होगी और अन्य संस्थान भी इस कोर्स को शुरू कर सकेंगे।

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