झारखंड शिक्षक भर्ती : शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की नियुक्ति अनुशंसा पर लगायी रोक, JSSC करेगा रिजल्ट की समीक्षा, 2472 पदों पर चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों को…
Jharkhand Teacher Recruitment: Education Department has put a stay on the recommendation of appointment of teachers, JSSC will review the result, teacher candidates selected for 2472 posts will be given the job...

Jharkhand Teacher News। झारखंड में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में उलझ गई है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सहायक आचार्य नियुक्ति से संबंधित एक बड़ा फैसला लेते हुए विज्ञान, गणित और भाषा विषयों के 2742 चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति अनुशंसा पर रोक लगा दी है।
इस संबंध में प्राथमिक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार रंजन ने सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र भेजकर यह स्पष्ट कर दिया है कि चयनित सूची और संबंधित फोल्डर तत्काल विभाग को लौटा दिए जाएं। पत्र में साफ लिखा गया है कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को परिणाम की पुनः समीक्षा करनी है, इसलिए मौजूदा अनुशंसा को निरस्त किया जा रहा है।
इस आदेश के बाद इस प्रक्रिया में विज्ञान एवं गणित विषय के 1683 और भाषा विषय के 1059 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था। कई जिलों में विज्ञान और गणित विषय के लिए काउंसलिंग पूरी हो चुकी थी, जबकि भाषा विषय के लिए अधिकांश जिलों में काउंसलिंग जारी थी। लेकिन अब इस पूरी प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है।
विवाद की असली वजह
दरअसल, परिणाम घोषित होने के बाद कई जिलों से शिकायत आई कि कुछ अभ्यर्थियों ने जे-टेट (JTET) में आरक्षण का लाभ लेकर परीक्षा उत्तीर्ण किया था, लेकिन नियुक्ति सूची में उन्हें सामान्य वर्ग में शामिल कर दिया गया।
आरोप यह भी है कि ऐसे उम्मीदवारों को सूची में स्थान मिला जिनके अंक सामान्य वर्ग के न्यूनतम कटऑफ से भी कम थे। इस अनियमितता ने जिलों में विवाद खड़ा कर दिया और कई उपायुक्तों ने इस पर विभाग से स्पष्टीकरण मांगा। इसी आधार पर शिक्षा विभाग ने नियुक्ति अनुशंसा वापस लेने का फैसला लिया।
आगे की प्रक्रिया
विभाग का कहना है कि अब जेएसएससी पूरी सूची की दोबारा जांच करेगा। इसमें विशेष रूप से यह देखा जाएगा कि किन आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को गलत तरीके से सामान्य वर्ग में दिखाया गया। संभावना है कि आयोग जल्द ही संशोधित परिणाम जारी करे।
अन्य विषयों पर भी संकट के बादल
विज्ञान, गणित और भाषा के अलावा आयोग ने सामाजिक विज्ञान (3033 पद) और कक्षा 1 से 5 (4817 पद) के लिए भी परिणाम घोषित किया था। हालांकि, इनकी नियुक्ति अनुशंसा अभी तक जिलों को नहीं भेजी गई थी। अब संभावना है कि इन विषयों की भी पुनः समीक्षा की जाएगी।
15 हजार पदों की नियुक्ति अधर में
राज्य सरकार ने 15,001 सहायक आचार्य नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की थी, जिसमें विज्ञान, गणित, भाषा और सामाजिक विज्ञान जैसे विषय शामिल थे। लेकिन अब 2742 अनुशंसाओं की वापसी और अन्य विषयों की जांच की संभावना ने इस पूरी प्रक्रिया को अनिश्चित बना दिया है।