झारखंड: शिक्षक ने पूरी-सब्जी का भोज नहीं दिया तो बांध दिया पेड़ में, नाराज शिक्षक संघ ने विधायक से की मुलाकात, मुख्यमंत्री से शिकायत की तैयारी

Jharkhand: Teacher tied to tree after refusing to serve puri-vegetables; angry teachers' union meets MLA, prepares to complain to Chief Minister

सरस्वती पूजा के दिन शिक्षक के साथ हुई अमानवीय कृत पर शिक्षकों ने नाराजगी जतायी है। पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड स्थित सियालबिंदा उच्च विद्यालय में शिक्षक के साथ हुई निंदनीय घटना को लेकर अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने घाटशिला विधायक सोमेश चंद्र सोरेन से मुलाकात की। इस दौरान संघ ने दोषियों पर कार्रवाई कर पीड़ित शिक्षक की सुरक्षा और सम्मानजनक पदस्थापन की मांग की।
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Jharkhand Teacher News : सरस्वती पूजा के दिन शिक्षक के साथ हुई अमानवीय और अपमानजनक घटना ने पूरे झारखंड के शिक्षक समाज को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में अब अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश सलाहकार सुनील कुमार के नेतृत्व में घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के विधायक सोमेश चंद्र सोरेन से मिला।

इस दौरान बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत सियालबिंदा उच्च विद्यालय में पदस्थ शिक्षक लखींद्र बेसरा के साथ हुई शर्मनाक घटना की विस्तृत जानकारी विधायक को दी गई।

शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि सरस्वती पूजा के दिन विद्यालय में पूड़ी-सब्जी का भोज आयोजित नहीं हो पाने से नाराज कुछ अति उत्साही और असामाजिक तत्वों ने शिक्षक लखींद्र बेसरा के साथ अभद्र व्यवहार किया।

आरोप है कि उन्हें गाली-गलौज करते हुए सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और यहां तक कि पेड़ से बांध दिया गया। यह घटना न केवल एक शिक्षक के मान-सम्मान पर हमला है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र और सभ्य समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है।

शिक्षक संघ ने विधायक को अवगत कराया कि इस घटना के बाद पूर्वी सिंहभूम जिले सहित राज्य के सभी जिलों के शिक्षकों में भारी नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है। संघ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि शिक्षकों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो इसका असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ेगा।

प्रतिनिधिमंडल ने माननीय विधायक से मांग की कि दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

इसके साथ ही शिक्षक संघ ने पीड़ित शिक्षक लखींद्र बेसरा को उक्त विद्यालय से हटाकर उनकी इच्छानुसार सुरक्षित स्थान पर पदस्थापित करने की मांग की। संघ का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में उसी विद्यालय में कार्य करना उनके लिए मानसिक और शारीरिक रूप से असुरक्षित हो सकता है। साथ ही, राज्यभर के शिक्षकों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग रखी गई।

शिक्षक संघ ने जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना भी की। संघ ने बताया कि प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, जो एक सकारात्मक कदम है। हालांकि, संघ का मानना है कि केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि सख्त और उदाहरणात्मक सजा भी जरूरी है।

इस घटना के विरोध में शिक्षक संघ ने यह भी निर्णय लिया है कि हजारों शिक्षकों के हस्ताक्षर युक्त एक आक्रोश पत्र शिक्षा मंत्री सह मुख्यमंत्री, झारखंड सरकार को प्रेषित किया जाएगा, ताकि राज्य स्तर पर भी इस गंभीर मुद्दे पर ठोस कदम उठाए जा सकें।

विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वे इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन और सरकार के समक्ष मजबूती से उठाएंगे तथा पीड़ित शिक्षक को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।

इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से सुनील कुमार, अनिल प्रसाद, रंजित घोष, मतला मुर्मू, मांझी मंगल हांसदा, सुनील गोराई, सुधाकर नायक सहित अन्य शिक्षक नेता शामिल थे।शिक्षक समाज का कहना है कि इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि समाज किस दिशा में जा रहा है, और क्या शिक्षक आज भी सुरक्षित और सम्मानित हैं।

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