झारखंड: शिक्षकों-पारा टीचरों के लिए कड़ा फरमान, नहीं किया ये काम, तो रूकेगा मई तक का वेतन, जानिये क्या है शिक्षा विभाग की गाइडलाईन
Jharkhand: Strict orders for teachers and para-teachers; if they fail to do this, their salaries will be withheld until May. Find out the Education Department's guidelines.

झारखंड में नए शैक्षणिक सत्र के साथ शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला लिया है। पाठ्य योजना अनिवार्य, नहीं बनाने पर मई तक वेतन-मानदेय पर रोक लगाने का आदेश दिया गया है। छात्रों के लिए बेसलाइन असेसमेंट और ब्रिज कोर्स लागू हो गया है।
________________________________________
रांची: झारखंड में सरकारी विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो गयी है। इस मौके पर झारखंड शिक्षा परियोजना ने शिक्षकों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। अब सभी शिक्षकों को अनिवार्य रूप से विषयवार पाठ्य योजना तैयार करनी होगी। ऐसा नहीं करने वाले शिक्षकों और पारा शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनका मई माह तक का वेतन या मानदेय रोक दिया जाएगा।
इस संबंध में झारखंड शिक्षा परियोजना के निदेशक शशि रंजन ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और जिला शिक्षा अधीक्षकों (DSE) को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। विभाग का उद्देश्य नए सत्र की शुरुआत से ही शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और शिक्षण प्रक्रिया को व्यवस्थित करना है।
पाठ्य योजना बनाना अनिवार्य
निर्देश के अनुसार सभी शिक्षक अपने-अपने विषयों की विस्तृत पाठ्य योजना तैयार करेंगे और उसे प्रधानाध्यापक या संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी से अनुमोदित कराएंगे। इसके बाद ही उस योजना को विद्यालयों में लागू किया जाएगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि सुनियोजित पाठ्य योजना से छात्रों के सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।
पहले दो महीने ‘आधारभूत कक्षाओं’ पर जोर
शिक्षा परियोजना ने यह भी निर्देश दिया है कि अप्रैल और मई महीने में विद्यालयों में ‘आधारभूत आरंभिक कक्षाओं’ का आयोजन किया जाए। इन कक्षाओं का उद्देश्य छात्रों के पूर्व ज्ञान का आकलन करना और उनकी कमजोरियों को दूर करना है।
इसके तहत 4 अप्रैल तक सभी छात्रों का बेसलाइन असेसमेंट किया जाएगा। इस आकलन के आधार पर छात्रों को ए, बी, सी और डी ग्रेड में वर्गीकृत किया जाएगा। खासतौर पर भाषा विषयों—हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत और उर्दू—में छात्रों के अक्षर ज्ञान, पढ़ने-लिखने की क्षमता और व्याकरण की समझ का मूल्यांकन किया जाएगा।
ब्रिज कोर्स से होगी पढ़ाई की मजबूत नींव
नए नामांकित छात्रों और कमजोर विद्यार्थियों के लिए ब्रिज कोर्स भी संचालित किया जाएगा। इसके तहत छात्रों को उनकी समझ के स्तर के अनुसार समूहों में बांटकर पढ़ाया जाएगा। हर विषय की एक घंटी प्रतिदिन अनिवार्य रूप से संचालित की जाएगी, ताकि सभी विषयों में संतुलित सुधार हो सके।
नई समय-सारिणी का होगा पालन
बेसलाइन असेसमेंट और प्रारंभिक कक्षाओं के बाद विद्यालयों में सीबीएसई या जैक के अनुरूप समय-सारिणी तैयार की जाएगी। कक्षावार टाइम-टेबल बनाकर उसका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने कक्षावार और विषयवार सिलेबस भी जारी किया है।शिक्षा विभाग के इस फैसले को शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।








