झारखंड- तीन जवान बर्खास्त : विभाग के आदेश पर गये थे मेडिकल कराने, गुस्साये सीओ ने कर दी तीनों की छुट्टी, भड़का आक्रोश
Jharkhand: Three soldiers dismissed: They had gone for medical examination on departmental orders; an angry CO dismissed all three, sparking outrage.

बरवाडीह। तीन जवानों को बर्खास्त कर दिया गया है। अंचल कार्यालय में इन जवानों को हटाने को लेकर आक्रोश भी दिख रहा है। जानकारी के मुताबिक तीन होमगार्ड जवानों को बिना पूर्व सूचना कार्य से विरमित कर दिया गया। जवानों का कहना है कि वे विभागीय आदेश के तहत मेडिकल जांच में शामिल होने गए थे, लेकिन लौटने पर उन्हें सेवा से हटाने का आदेश थमा दिया गया।
मिली जानकारी के मुताबिक बरवाडीह अंचल कार्यालय में तैनात होमगार्ड जवान अनिमा टोपनो, जगमल सिंह एवं उपेंद्र कुमार लंबे समय से नियमित रूप से अपनी ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान जिला स्तर से एक विभागीय आदेश जारी किया गया था, जिसके तहत प्रखंडवार होमगार्ड जवानों का मेडिकल टेस्ट आयोजित किया जाना था। इन तीनों जवानों का मेडिकल परीक्षण 6 जनवरी को लातेहार में निर्धारित किया गया था।
होमगार्ड जवानों का आरोप है कि उन्होंने मेडिकल जांच में शामिल होने की जानकारी 5 जनवरी को लिखित आवेदन के माध्यम से अंचल कार्यालय को दी थी। जवानों के अनुसार, जब उन्होंने यह आवेदन अंचलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया, तो अंचलाधिकारी ने कथित तौर पर आवेदन उनके सामने ही फेंक दिया और कहा कि “जहां जाना है जाओ, छुट्टी नहीं मिलेगी।” जवानों का कहना है कि इस व्यवहार से वे बेहद आहत हुए, फिर भी विभागीय आदेश को सर्वोपरि मानते हुए वे मेडिकल जांच के लिए लातेहार चले गए।
मेडिकल जांच के बाद जब वे 7 जनवरी को वापस बरवाडीह अंचल कार्यालय पहुंचे और अपनी हाजिरी दर्ज कराने उपस्थिति रजिस्टर देखा, तो वे हैरान रह गए। रजिस्टर में कार्यालय के पत्रांक 15, दिनांक 06/01/2026 के तहत तीनों को “कार्य से विरमित” दर्शाया गया था। बिना किसी पूर्व सूचना, कारण बताओ नोटिस या लिखित आदेश के इस तरह सेवा से हटाए जाने पर तीनों जवान मानसिक रूप से स्तब्ध रह गए।
होमगार्ड जवानों का कहना है कि विभागीय आदेश के तहत मेडिकल जांच में शामिल होना उनका दायित्व और अधिकार दोनों था। ऐसे में इस आधार पर उन्हें कार्य से विरमित किया जाना पूरी तरह अन्यायपूर्ण और नियमों के खिलाफ है। जवानों का यह भी कहना है कि इस घटना के बाद वे गहरे मानसिक तनाव और अवसाद की स्थिति में हैं।
मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि सरकारी कर्मचारी पहले से ही सीमित संसाधनों और दबाव में काम करते हैं, ऐसे में इस तरह का व्यवहार न केवल अमानवीय है बल्कि प्रशासन की छवि को भी नुकसान पहुंचाता है।
इस पूरे मामले पर होमगार्ड डीएसपी इम्तियाज खान ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि इस तरह का मामला संज्ञान में आया है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अंचलाधिकारी लवकेश सिंह ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अंचल दिवस होने के बावजूद संबंधित कर्मी ड्यूटी से अनुपस्थित थे, जिस कारण उनके विरुद्ध यह कार्रवाई की गई।









