झारखंड: डॉक्टरों पर कसा शिकंजा, ड्यूटी टाइम में प्राइवेट प्रैक्टिस करते पकड़ाए तो गिरेगी गाज, टास्क फोर्स का हुआ गठन
Jharkhand: Doctors face strictures, if caught practicing privately during duty hours, task force formed

Jharkahand Health Department: डाक्टरों पर शिकंजा कसने की तैयारी तेज हो गई है। अब ड्यूटी टाइम में प्राइवेट क्लिनिकों में प्रैक्टिस करने वाले सरकारी डाक्टरों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। इस संबंध में साहिबगंज में जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है।
साहिबगंज डीसी ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिया है।दरअसल सरकारी अस्पतालों में ओपीडी के दौरान निजी क्लिनिक चलाने से अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को परेशानी होती थी।
डॉक्टरों की इस मनमानी पर रोक लगाने के लिए साहिबगंज डीसी हेमंत सती और सिविल सर्जन रामदेव पासवान ने एक टास्क फोर्स का गठन किया है। इस टास्क फोर्स में एक मजिस्ट्रेट को भी रखा गया है।
जिला प्रशासन ने टास्क फोर्स का किया गठन
जानकारी के मुताबिक अब दिन या रात के वक्त ड्यूटी के दौरान यदि कोई चिकित्सक अपने क्लीनिक या नर्सिंग होम में पाए जाते है तो कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
टास्क फोर्स में शामिल सदस्यों को डाक्टरों का ड्यूटी रोस्टर थमा दिया गया है। यह टास्क फोर्स सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक विशेष निगरानी करेगा। जबकि रात के समय ऑनकॉल रहने वाली महिला डाक्टरों पर भी निगरानी रखी जाएगी। हालांकि दो दिन पहले रात के समय ऑनकॉल डॉक्टर का सिस्टम समाप्त कर दिया गया है। डीसी के इस कड़े रुख के बाद डाक्टरों के बीच खलबली मच गई है।
मरीजों की लगातार शिकायतें मिलने के बाद डीसी ने यह कदम उठाया है।डीसी ने ओपीडी, ओपीडी रोस्टर का कड़ाई से अनुपालन, आपातकालीन और प्रसव कक्ष में ड्यूटी के दौरान अनिवार्य हैंडओवर और टेकओवर, इमरजेंसी चिकित्सकों द्वारा नियमित सुबह-शाम राउंड और ड्यूटी के समय निजी प्रैक्टिस पूर्णतः निषिद्ध रखने के निर्देश दिया है।
साथ ही डॉक्टरों को ड्रेस कोड और परिचय पत्र के साथ ड्यूटी पर उपस्थित रहने, मासिक प्रतिवेदन उपलब्ध कराने तथा मृत मरीजों के परिजनों हेतु मोक्ष वाहन की व्यवस्था के निर्देश दिए है।









