झारखंड का हाफ पैंट गैंग : ASI का बेटा निकला गैंग का मास्टरमाइंड, 44 चोरियों का पुलिस ने किया खुलासा, इस तरह बनाता था घरों का निशाना
Jharkhand's Half Pants Gang: ASI's son turns out to be the gang's mastermind; police uncover 44 thefts, targeting homes in this way.

बोकारो। पुलिसवाले का बेटा ही अगर चोर बन जाये, तो फिर बाकी शहर का भगवान ही मालिक है। बोकारो और चास क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की 44 वारदातों के पीछे कुख्यात “हाफ पैंट गिरोह” का पर्दाफाश हुआ है। कमाल की बात ये है कि इस गैंग का मास्टरमाइंड झारखंड पुलिस के एक एएसआई का बेटा निकला, जिसने कार के जरिए चोरी की घटनाओं को अंजाम दिलाया।
जांच में पुलिस ने 44 चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले कुख्यात “हाफ पैंट गिरोह” का खुलासा किया है। इस गिरोह से जुड़ा सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि इसका मुख्य सदस्य प्रसन्नजीत कुमार उर्फ सिपाही, झारखंड पुलिस के एक जमादार (एएसआई) का बेटा है। गिरोह के अन्य सदस्य उसे “सिपाही” नाम से ही पुकारते थे।
दरअसल 27 दिसंबर को चीरा चास थाना क्षेत्र के केके सिंह कॉलोनी स्थित एक आवास में चोरी की कोशिश के दौरान पुलिस ने चोरों को रंगे हाथ पकड़ने का प्रयास किया था। उस समय मौके पर प्रसन्नजीत के साथ कुख्यात चोर बुलेट भुइयां भी मौजूद था। हालांकि, अंधेरे और मौके का फायदा उठाकर दोनों फरार होने में सफल रहे। इसके बाद से पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
एएसआई का बेटा निकला गिरोह का अहम सदस्य
पूछताछ के दौरान जब गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की गई तो प्रसन्नजीत की पहचान सामने आने पर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। जानकारी के मुताबिक, उसके पिता महादेव यादव झारखंड पुलिस में एएसआई के पद पर कार्यरत हैं और कुछ समय पहले उनकी तैनाती धनबाद में थी। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग को लेकर पुलिस जानकारी जुटा रही है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं गिरोह द्वारा इस्तेमाल की जा रही कार पर “पुलिस” लिखा हुआ तो नहीं था, ताकि लोगों को भ्रमित किया जा सके।
कार से होती थी चोरी की पूरी प्लानिंग
गिरफ्तार आरोपियों रोहित मेहरा उर्फ गुलुआ और बड़का बांसफोड़ उर्फ बड़का ने पुलिस को बताया कि गिरोह पहले घरों की रेकी करता था। इसके बाद प्रसन्नजीत उर्फ सिपाही अपनी कार से साथियों को चोरी के लिए ले जाता था। वह उन्हें लक्ष्य स्थान के पास उतार देता और खुद कुछ दूरी पर कार लेकर इंतजार करता था। चोरी के बाद सभी आरोपी उसी कार से फरार हो जाते थे। चोरी किया गया सामान भी इसी कार से उनके ठिकानों तक पहुंचाया जाता था।
ज्वेलर्स तक फैला था चोरी का नेटवर्क
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि चोरी के गहनों को खपाने के लिए गिरोह का संपर्क ज्वेलर्स से था। गिरफ्तार आरोपी शशि कुमार वर्मा, जो बिहार के सिवान जिले का निवासी और रानी ज्वेलर्स का मालिक है, ने बताया कि बड़का डोम पहले उसकी दुकान पर ग्राहक बनकर आया था। बाद में उसने चोरी के गहने उपलब्ध कराने की बात कही, जिस पर वह राजी हो गया। चोरी के गहनों को सिवान ले जाकर गलाया जाता था और नए गहने बनवाकर बोकारो में बेचा जाता था।
आरोपियों ने यह भी कबूल किया है कि उन्होंने जून महीने में हरला थाना क्षेत्र स्थित माई ज्वेलर्स से भी बड़ी चोरी की थी। चोरी किए गए गहने चास के धीरज ज्वेलर्स के मालिक महेश सोनी को भी बेचे गए थे।
रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ
हरला थाना पुलिस अब माई ज्वेलर्स चोरी कांड के खुलासे के लिए आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इससे चोरी के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों का भी पर्दाफाश होगा। बोकारो पुलिस इस गिरोह के पूरी तरह सफाए के लिए लगातार कार्रवाई में जुटी हुई है।









