जान लीजिये ! अब सोना-चांदी की दुकानों में प्रवेश के पहले अपना चेहरा दिखाना होगा, घुंघट, बुर्का, मास्क और गमछा डालकर घुसने पर लगा बैन
Know this! Now you must show your face before entering gold and silver shops; veils, burqas, masks, and handkerchiefs are banned.

Regional News : सोना-चांदी की दुकानों में अब मास्क, बुर्का और हेलमेट पहनकर नहीं जा सकेंगे। ज्वेलर्स शो रूम और दुकानों के लिए ये नियम लागू कर दिया गया है। सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों और ज्वेलरी दुकानों में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं को देखते हुए ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) ने ये नियम लागू किया है। नियम के तहत अब ग्राहक को दुकान में प्रवेश से पहले अपना चेहरा दिखाना अनिवार्य होगा।
ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) ने बिहार में लिया गया अहम फैसला अब ज़मीनी स्तर पर लागू होता दिख रहा है। राज्य की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले मुजफ्फरपुर जिले की सबसे पुरानी सराफा मंडी में आज से यह नियम पूरी तरह लागू कर दिया गया है। इसके तहत सोना-चांदी की दुकानों में प्रवेश करने से पहले ग्राहकों को अपना चेहरा दिखाना जरूरी होगा।
अब नकाब, हिजाब, घूंघट, गमछा या हेलमेट पहनकर सीधे दुकान में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। सराफा बाजार में मौजूद स्टाफ द्वारा ग्राहकों को पहले ही इस नई व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है, ताकि किसी को असुविधा न हो। दुकानदारों का कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम जरूरी हो गया था।
स्वर्ण कारोबारी गौरव कुमार ने बताया कि सोना-चांदी की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्तमान में 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग ₹1,40,000 तक पहुंच गई है, जबकि एक किलो चांदी की कीमत ₹2,50,000 के आसपास है। इतनी अधिक कीमतों के कारण ज्वेलरी दुकानें असामाजिक तत्वों के लिए सॉफ्ट टारगेट बन जाती हैं।
उन्होंने कहा कि नकाब, हिजाब या हेलमेट की आड़ में आने वाले कुछ लोग इसका गलत फायदा उठा सकते हैं, इसलिए ग्राहक और दुकानदार दोनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह नियम लागू किया गया है। AIJGF बिहार ने स्पष्ट किया कि यह फैसला संगठन की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई ग्राहक चेहरा ढककर दुकान में आता है, तो उससे विनम्रतापूर्वक चेहरा दिखाने का अनुरोध किया जाएगा। यदि ग्राहक चेहरा दिखाने से इनकार करता है, तो उससे व्यापार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दुकानदार किसी का नकाब या हिजाब स्वयं नहीं हटाएंगे, बल्कि केवल सहयोग की अपील करेंगे।
बीते वर्षों में लूट, चोरी और ठगी की कई घटनाओं में अपराधियों ने मास्क या हेलमेट का सहारा लेकर अपनी पहचान छिपाई। ऐसे मामलों में सीसीटीवी फुटेज में भी चेहरा साफ नजर नहीं आता, जिससे पुलिस और प्रशासन को पहचान करने में कठिनाई होती है। इस नियम से न केवल अपराधों पर अंकुश लगेगा, बल्कि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में जांच में भी आसानी होगी।उन्होंने यह भी बताया कि बिहार में यह व्यवस्था पहली बार लागू की गई है, हालांकि इससे पहले उत्तर प्रदेश के झांसी और राजस्थान के कई इलाकों में इस तरह का नियम पहले से लागू है।








