झारखंड पुलिस का नया आदेश: बदल गया है मोबाइल आबंटन का नियम, जानिये अब किस-किस को दिया जायेगा सरकारी मोबाइल, ये है नया नियम
Jharkhand Police's new order: Mobile phone allocation rules have changed. Find out who will be given government mobile phones. This is the new rule.

झारखंड पुलिस मुख्यालय ने अनुसंधान कार्य में लगे पुलिस पदाधिकारियों को मोबाइल फोन उपलब्ध कराने संबंधी अपने पुराने आदेश में संशोधन किया है। नए निर्देश के अनुसार अब जांच कार्य कर रहे सभी पुलिस पदाधिकारियों को नियमानुसार मोबाइल फोन दिया जा सकेगा। हालांकि जिन अधिकारियों की सेवा अवधि छह महीने से कम शेष है, उन्हें यह सुविधा नहीं मिलेगी।
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रांची। झारखंड पुलिस मुख्यालय ने अनुसंधान कार्य में लगे पुलिस पदाधिकारियों को मोबाइल फोन उपलब्ध कराने के संबंध में अपने पूर्व आदेश में संशोधन कर दिया है। पुलिस महानिरीक्षक (मुख्यालय) की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब अनुसंधान कार्य कर रहे अधिकतर पुलिस पदाधिकारियों को मोबाइल फोन उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे जांच कार्यों में तेजी और सुविधा आने की उम्मीद है।
नये निर्देश के मुताबिक कार्यालय उपकरण मद के तहत अनुसंधान कार्य में उपयोग के लिए मोबाइल फोन खरीदने के लिए राशि उपलब्ध कराई गई है।
इससे पहले जारी आदेश में यह प्रावधान था कि केवल उन्हीं अनुसंधानकर्ताओं को नया मोबाइल फोन दिया जाएगा जिनकी सेवा संपुष्ट हो चुकी हो और जिनकी सेवा अवधि में चार वर्ष से अधिक का समय शेष हो। इस शर्त के कारण बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी इस सुविधा से वंचित हो जा रहे थे।
दरअसल पुलिस मुख्यालय को ये जानकारी मिली थी कि सेवा अवधि से जुड़ी इस शर्त के कारण अधिकांश अनुसंधान अधिकारी मोबाइल फोन प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। इसके कारण जांच कार्यों में भी कई बार व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस मुख्यालय ने पूर्व आदेश में आंशिक संशोधन करने का निर्णय लिया।
नए आदेश के तहत अब वर्तमान में अनुसंधान कार्य कर रहे सभी पुलिस पदाधिकारियों को नियमानुसार मोबाइल फोन उपलब्ध कराया जा सकेगा। हालांकि इस सुविधा के लिए एक शर्त रखी गई है। जिन अनुसंधानकर्ताओं की सेवा अवधि छह महीने से कम शेष है, उन्हें मोबाइल फोन उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।
इसके अलावा आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई पुलिस पदाधिकारी त्यागपत्र देता है या स्वैच्छिक अथवा अनिवार्य सेवानिवृत्ति लेता है या फिर किसी कारण से सेवा से बर्खास्त किया जाता है, तो उसे मोबाइल फोन से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र संपत्ति शाखा से प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इसके बिना संबंधित प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाएगी।
वहीं मोबाइल फोन के प्रतिस्थापन की स्थिति में उसके अवमूल्यन (डिप्रिसिएशन वैल्यू) की गणना भी नियमानुसार की जाएगी। पुलिस मुख्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि 17 मार्च 2025 को जारी पूर्व निर्देशों को इस संशोधन के साथ लागू माना जाएगा, जबकि अन्य सभी नियम और निर्देश पहले की तरह प्रभावी रहेंगे।









