झारखंड: पुलिस और प्रदर्शनकारियों में हुई झड़प, हमले में थाना प्रभारी हुए घायल, कुछ प्रदर्शनकारियों के भी जख्मी होने की खबर…

Jharkhand: Clashes between police and protesters, station in-charge injured in the attack, some protesters also reported injured...

बोकारो। पुलिस और प्रदर्शनकारियों में हुई झड़प में थाना प्रभारी घायल हो गये। वहीं कुछ प्रदर्शनकारियों के भी घायल होने की खबर है। दरअसल बोकारो जिले के चंदनकियारी प्रखंड में बुधवार सुबह बड़ा बवाल हो गया। झारखंड शोषण मुक्ति उलगुलान मंच द्वारा इलेक्ट्रो स्टील वेदांता कंपनी में रोजगार की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अचानक हिंसक हो गया।

 

इसी दौरान सुबह अलकुशा मोड़ पर ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया, जिससे आवागमन ठप हो गया। जाम की सूचना मिलने पर सियालजोरी थाना प्रभारी मनीष कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से बातचीत कर सड़क खोलने का प्रयास किया।प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई धक्का-मुक्की में सियालजोरी थाना प्रभारी मनीष कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना ने इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है।

 

थाना प्रभारी मनीष कुमार ने आंदोलनकारियों को समझाने की कोशिश की कि कंपनी से उनकी समस्याओं पर बातचीत कराई जाएगी और सड़क जाम से आम जनता को परेशानी होती है। लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। विवाद बढ़ने पर स्थिति बिगड़ गई और दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

 

इसी बीच किसी ने थाना प्रभारी पर लाठी से हमला कर दिया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आ गई।घायल अवस्था में थाना प्रभारी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। जानकारी के मुताबिक उनके सिर और हाथ में चोटें आई हैं और फिलहाल उनका इलाज चल रहा है।

 

झारखंड शोषण मुक्ति उलगुलान मंच के बैनर तले हो रहे आंदोलनकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रो स्टील वेदांता कंपनी स्थानीय युवाओं को रोजगार देने में असफल रही है। इसी को लेकर कई दिनों से आंदोलन की तैयारी चल रही थी। बुधवार को जैसे ही उन्होंने अलकुशा मोड़ को जाम किया, पुलिस ने हस्तक्षेप किया।

 

पुलिस ने पहले तो शांतिपूर्वक समझाने की कोशिश की, लेकिन जब प्रदर्शनकारी उग्र हो गए तो बल प्रयोग करना पड़ा। इससे मौके पर भगदड़ मच गई। हालांकि, पुलिस ने हालात को काबू में लाने की कोशिश की लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।

 

थाना प्रभारी के घायल होने के बाद भी आंदोलन खत्म नहीं हुआ। अलकुशा मोड़ पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमे रहे और नारेबाजी करते रहे। खबर है कि इस झड़प में कुछ आंदोलनकारियों को भी चोटें आई हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

 

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्रशासन ने कंपनी प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच संवाद स्थापित करने की कोशिश शुरू कर दी है। वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल को भी इलाके में तैनात कर दिया गया है।

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