झारखंड में बाघ की इंट्री : बाघ के मूवमेंट की जानकारी पर वन विभाग एक्शन में, दो दशक बार इस इलाके में बाघ की सुगबुगाहट
Entry of tiger in Jharkhand: Forest department in action on information of tiger movement, tiger's presence in this area after two decades

Jharkhand Tiger Movement : झारखंड में बाघ की दस्तक से हड़कंप मच गया है। इधर वन विभाग भी एक्शन में आ गया है। झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व के इलाके में बाघिन के इंट्री होने के सबूत मिले हैं। दरअसल पलामू टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में 20 वर्षों के बाद बाघिन के मौजूद होने की जानकारी निकलकर सामने आई है।
पलामू टाइगर रिजर्व के आंकड़ों के अनुसार फिलहाल पूरे क्षेत्र में 5 से 6 बाघों के मूवमेंट को रिकॉर्ड किया जा रहा है। जिस इलाके में बाघिन के होने के सबूत मिले हैं उस इलाके से गांव को रिलोकेट करने की तैयारी चल रही है। दअरसल, पलामू टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में बाघों से जुड़ा हुआ एक पग मार्क मिला था, पग मार्क के साइज से बाघिन के मौजूद होने की जानकारी मिली है।
बताया जा रहा है कि फूट मार्क की साइज 12 से 14 सेंटीमीटर है। पलामू टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने बाघिन के बारे में जानकारी मिलने के बाद पूरे इलाके में पीटीआर प्रबंधन के द्वारा हाई अलर्ट जारी किया है और इलाके में 50 से भी अधिक हाई रिजोल्यूशन कैमरे जंगल में लगाए गये हैं।
जंगली इलाकों में ड्रोन से भी निगरानी की तैयारी चल रही है. संभावित बाघिन के स्कैट की जांच के लिए वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट देहरादून को भेजा गया है। एक लंबे अरसे के बाद इलाके में बाघिन से संबंधित मूवमेंट की जानकारी निकलकर सामने आई है। पलामू टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक कुमार आशीष ने बताया कि पग मार्ग से बाघिन के होने के सबूत पलामू टाइगर रिजर्व के जंगली इलाके में मिले हैं लेकिन कैमरे तस्वीर ट्रैप नहीं हुई है।