रांची: हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने की चल रही कार्रवाई पर लगायी रोक, प्रशासन से कार्रवाई के संबंध में जानकारी की तलब

Ranchi: The High Court has put a stay on the ongoing encroachment removal process and has sought information from the administration regarding the action.

रांची। राजधानी के रातू रोड स्थित मधुकम इलाके में चल रही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर झारखंड हाई कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत के इस अंतरिम आदेश से उन दर्जनों परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जिनके मकानों पर प्रशासनिक कार्रवाई के तहत बुलडोजर चलाया जा रहा था। न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद अब प्रभावित परिवारों ने राहत की सांस ली है।

आज मामले की सुनवाई हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान मधुकम क्षेत्र के रौनक कुमार, सरिता देवी और अन्य प्रभावितों की ओर से हस्तक्षेप याचिका दायर की गई।

याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई में कई वैधानिक पहलुओं की अनदेखी की गई है और बिना पर्याप्त सुनवाई के घरों को तोड़ा जा रहा है।

अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि अतिक्रमण की कार्रवाई के कारण कई परिवार बेघर होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। कई मकानों को पहले ही ध्वस्त किया जा चुका है, जिससे लोगों को गंभीर आर्थिक और सामाजिक नुकसान उठाना पड़ा है। प्रभावितों ने न्यायालय से तत्काल राहत की गुहार लगाई थी।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल प्रभाव से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर रोक लगाने का आदेश दिया। अदालत ने प्रशासन से जवाब तलब करते हुए संबंधित अधिकारियों को अपना पक्ष स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।

हाई कोर्ट के अधिवक्ता धीरज कुमार के अनुसार, अदालत ने हेहल अंचल कार्यालय के अंचल अधिकारी को इस मामले में लिखित रूप से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक क्षेत्र में किसी भी प्रकार की दखल-दिहानी की कार्रवाई नहीं की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि मधुकम इलाके में जमीन से जुड़े विवाद को लेकर पिछले दिनों प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा था। इस दौरान कई मकानों पर कार्रवाई की गई, जिससे स्थानीय निवासियों में नाराजगी और चिंता का माहौल बन गया था।

  1. प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे वर्षों से वहां रह रहे हैं और कई के पास अपने दावों से जुड़े दस्तावेज भी हैं।अदालत के इस आदेश के बाद अब प्रशासनिक कार्रवाई पर अस्थायी विराम लग गया है।

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