रांची- घूस लेते गिरफ्तार : 25000 रुपये रिश्वत लेते अधिकारी गिरफ्तार, बिल भुगतान के एवज में रिश्वत लेते गिरफ्तार, पूछताछ में होंगे बड़े खुलासे…
Ranchi- Arrested while taking bribe: Officer arrested while taking bribe of Rs 25000, arrested while taking bribe in lieu of bill payment, big revelations will be made during interrogation...

झारखंड की राजधानी रांची के घूसखोर अफसर को गिरफ्तार किया गया है। ब्लॉक कोऑर्डिनेटर जगन्नाथ गोप को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पर योजना के पेयजल विभाग में बिल भुगतान के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
________________________________________
रांची। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक और घूसखोर अधिकारी को गिरफ्तार किया है। रांची जिले के बुंडू प्रखंड में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में कार्यरत ब्लॉक कोऑर्डिनेटर जगन्नाथ गोप को एसीबी की टीम ने 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया।
इस कार्रवाई के बाद विभागीय और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।आरोपी ब्लॉक कोऑर्डिनेटर पर आरोप है कि उसने एक विभागीय योजना के बिल भुगतान को मंजूरी दिलाने के बदले रिश्वत की मांग की थी।
पीड़ित व्यक्ति ने इस पूरे मामले की शिकायत एसीबी से की थी। शिकायत में बताया गया था कि संबंधित योजना का कार्य पूरा होने के बावजूद भुगतान रोका जा रहा है और इसके बदले पैसे की मांग की जा रही है।शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने सबसे पहले मामले की गोपनीय जांच कराई।
जांच में शिकायत सही पाए जाने पर एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई। पूरी रणनीति के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की तय राशि के साथ आरोपी के पास भेजा गया।
जैसे ही जगन्नाथ गोप ने 25 हजार रुपये की रिश्वत ली, पहले से घात लगाए एसीबी की टीम ने मौके पर ही उसे पकड़ लिया।एसीबी अधिकारियों ने रिश्वत की राशि बरामद कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद एसीबी की टीम आरोपी को रांची लेकर आई, जहां उससे आगे की पूछताछ की जा रही है।
एसीबी अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी द्वारा पूर्व में भी इस तरह की अवैध वसूली की गई है या नहीं और इस मामले में कोई अन्य अधिकारी या कर्मचारी संलिप्त तो नहीं है।इस कार्रवाई के बाद बुंडू प्रखंड कार्यालय और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में अफरा-तफरी का माहौल है।
विभागीय कर्मचारियों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा तेज है। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं में रिश्वतखोरी आम बात हो गई है, जिससे आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
एसीबी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर भ्रष्ट आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी सरकारी कार्यालय में रिश्वत की मांग की जाती है तो बिना भय के इसकी शिकायत एसीबी से करें।
फिलहाल, आरोपी ब्लॉक कोऑर्डिनेटर जगन्नाथ गोप के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उसे न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की प्रक्रिया चल रही है।









