रांची: क्या मंईया सम्मान योजना पर लग जायेगी रोक ? भाजपा का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा निर्वाचन आयोग, जानिये क्या है पूरा मामला
Ranchi: Will the Maiya Samman Yojana be banned? A BJP delegation visited the Election Commission. Find out the full story.

झारखंड में निकाय चुनाव के बीच मंईया सम्मान योजना के लाभुकों को 20 हजार रुपये ऋण देने की घोषणा पर भारतीय जनता पार्टी ने आपत्ति जताई है। बीजेपी के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्य निर्वाचन आयोग पहुंचकर इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
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रांची। नगरीय निकाय चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है। इसी कड़ी में सोमवार को झारखंड भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का एक तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राज्य निर्वाचन आयोग पहुंचा और राज्य सरकार की ओर से मंईया सम्मान योजना के लाभुकों को 20 हजार रुपये का ऋण देने की घोषणा पर कड़ा ऐतराज जताया।
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने आयोग को इस संबंध में एक लिखित शिकायत सौंपते हुए इसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताया है।
बीजेपी नेताओं का आरोप है कि निकाय चुनाव की प्रक्रिया के दौरान इस तरह की आर्थिक सहायता या ऋण की घोषणा करना मतदाताओं को सीधे तौर पर प्रभावित करने का प्रयास है। पार्टी का कहना है कि चुनाव के समय सरकार द्वारा इस प्रकार की घोषणाएं करना निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।
राज्य निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में झारखंड बीजेपी के विधि प्रकोष्ठ से सुधीर श्रीवास्तव, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अशोक बड़ाइक और महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री सीमा सिंह शामिल थीं।
प्रतिनिधिमंडल ने आयोग को बताया कि मंईया सम्मान योजना से जुड़ी महिलाओं को 20 हजार रुपये ऋण देने की घोषणा चुनावी लाभ उठाने के उद्देश्य से की गई प्रतीत होती है।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि सरकार पहले से ही विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, लेकिन चुनाव की घोषणा के बाद नई सुविधाओं या लाभों की घोषणा करना स्पष्ट रूप से आदर्श आचार संहिता के खिलाफ है। उनका आरोप है कि इस तरह की घोषणाओं से मतदाता वर्ग, खासकर महिला मतदाता, प्रभावित हो सकते हैं और इससे सत्तारूढ़ दल को चुनाव में अनुचित लाभ मिल सकता है।
प्रतिनिधिमंडल की ओर से कहा गया कि चुनाव आयोग का मुख्य दायित्व निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना है। ऐसे में आयोग को इस मामले का संज्ञान लेते हुए सरकार को इस घोषणा पर रोक लगाने और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए। बीजेपी ने यह भी मांग की कि यदि आचार संहिता का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
बीजेपी प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अशोक बड़ाइक ने कहा कि “चुनाव के समय जनता को लुभाने के लिए योजनाओं और आर्थिक सहायता की घोषणाएं लोकतंत्र की भावना के खिलाफ हैं। इससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित होती है और विपक्षी दलों के साथ अन्याय होता है।
” वहीं महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री सीमा सिंह ने कहा कि महिलाओं के नाम पर योजनाओं की घोषणा कर उन्हें वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करना गलत है।दूसरी ओर, राज्य निर्वाचन आयोग ने बीजेपी प्रतिनिधिमंडल से प्राप्त शिकायत को स्वीकार कर लिया है और आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।









