झारखंड में भाजपा को झटका: निकाय चुनाव के पहले बड़ा उलटफेर, मेयर प्रत्याशी चंद्रशेखर अग्रवाल झामुमो में शामिल, मुख्यमंत्री की मौजूगदी में झामुमों की ली सदस्यता
BJP suffers setback in Jharkhand: Major upset ahead of civic elections, mayoral candidate Chandrashekhar Agarwal joins JMM, takes JMM membership in Chief Minister's presence

नगरीय निकाय चुनाव से ठीक पहले झारखंड की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। धनबाद के मेयर प्रत्याशी और भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर अग्रवाल ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का दामन थाम लिया है। दुमका में झारखंड दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली, जिसे भाजपा के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
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रांची। झारखंड में नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया के बीच भारतीय जनता पार्टी को एक बड़ा राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। धनबाद के चर्चित नेता और पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल उर्फ शेखर अग्रवाल ने भाजपा से नाता तोड़ते हुए सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा में शामिल होने का ऐलान कर दिया।
सोमवार को उन्होंने दुमका में आयोजित झारखंड दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष झामुमो की सदस्यता ग्रहण की। इस घटनाक्रम ने न सिर्फ धनबाद बल्कि पूरे राज्य की राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया है।
चंद्रशेखर अग्रवाल भाजपा के कद्दावर नेताओं में गिने जाते रहे हैं। वे झारखंड प्रदेश भाजपा की कार्यसमिति के सदस्य रह चुके हैं और धनबाद नगर निगम के मेयर भी रहे हैं। नगर निकाय चुनाव के लिए उन्होंने धनबाद से मेयर पद का नामांकन भी दाखिल किया है। 23 फरवरी को मतदान होना है, ऐसे में चुनाव से ठीक पहले उनका पार्टी बदलना भाजपा के लिए गंभीर राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
वैसे देखा जाये तो, झारखंड में नगर निकाय चुनाव तकनीकी रूप से निर्दलीय आधार पर हो रहे हैं, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपने-अपने समर्थित उम्मीदवारों को जिताने में जुटे हुए हैं।
भाजपा ने धनबाद से संजीव अग्रवाल को अपना समर्थित मेयर उम्मीदवार घोषित किया था। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि इसी फैसले से चंद्रशेखर अग्रवाल नाराज चल रहे थे। पार्टी के भीतर उपेक्षा और समर्थन न मिलने की भावना ने उन्हें झामुमो की ओर मोड़ दिया।
दुमका में झारखंड दिवस के मौके पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। इसी मंच से चंद्रशेखर अग्रवाल ने झामुमो की सदस्यता ली। इस अवसर पर धनबाद जिले के कई वरिष्ठ झामुमो नेता भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में विधायक मथुरा प्रसाद महतो, झामुमो जिला अध्यक्ष लखी सोरेन, पूर्व जिला अध्यक्ष रविलाल टुडू, देबू महतो सहित कई नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे। इन नेताओं की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि शेखर अग्रवाल को झामुमो में न सिर्फ औपचारिक एंट्री मिली है, बल्कि संगठनात्मक स्तर पर भी समर्थन प्राप्त है।
धनबाद में पहले से ही झामुमो की ओर से नीलम मिश्रा मेयर पद के लिए मैदान में हैं। ऐसे में चंद्रशेखर अग्रवाल के झामुमो में शामिल होने के बाद यह सवाल भी उठने लगे हैं कि आने वाले दिनों में धनबाद की शहरी राजनीति किस दिशा में जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शेखर अग्रवाल का अनुभव और उनका शहरी वोट बैंक झामुमो के लिए लाभकारी साबित हो सकता है, जबकि भाजपा के लिए यह घटनाक्रम नुकसानदेह है।
भाजपा खेमे में इस फैसले को लेकर असहजता साफ देखी जा रही है। वहीं झामुमो इसे भाजपा के भीतर असंतोष और संगठनात्मक कमजोरी के संकेत के रूप में पेश कर रही है। कुल मिलाकर, नगर निकाय चुनाव से पहले चंद्रशेखर अग्रवाल का दल बदलना झारखंड की शहरी राजनीति में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है









