…”सर, बहुत प्रेशर है, काम नहीं कर पायेंगे सर..”. जब डीसी के सामने फूट-फूटकर रो पड़ी महिला कर्मचारी, कर्मचारी-अधिकारी सब हो गये भावुक
"Sir, there's a lot of pressure, I won't be able to work, sir..." When the female employee burst into tears in front of the DC, the employees and officers all became emotional.

Viral Video- चुनावी प्रक्रिया के बीच एक वीडियो सामने आया है। एक महिला BLO का रोते हुए वीडियो सामने आया है। डीसी के सामने महिला कर्मचारी फूट-फूटकर रो पड़ी। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और बीएलओ श्यामली मंडल भारी कार्यभार के चलते डीसी के सामने रो पड़ीं। उन्होंने बताया कि दोहरी जिम्मेदारियों के कारण वे मानसिक और शारीरिक रूप से टूट चुकी हैं। जिलाशासक ने उन्हें सांत्वना दी और कार्यभार कम करने का आश्वासन दिया।
दरअसल, पश्चिम बर्धमान जिले के सालानपुर ब्लॉक के रूपनारायणपुर क्षेत्र में मंगलवार को एक मार्मिक दृश्य देखने को मिला। यहां 67 नंबर बूथ की बीएलओ और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्यामली मंडल जिला प्रशासन के एक कार्यक्रम के दौरान जिलाशासक एस. पोन्नाबलम से बातचीत करते हुए अचानक भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं और फूट-फूटकर रो पड़ीं।यह दृश्य देखकर वहां मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और आमजन भी भावुक हो उठे।
श्यामली मंडल ने बताया कि पहले से ही आंगनवाड़ी केंद्र का संचालन और मतदाता सूची संबंधी कार्यों का दायित्व संभालना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन हाल ही में SIR परियोजना (Systematic Information Registration Project) के तहत उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस परियोजना के तहत उन्हें घर-घर जाकर डेटा अपडेट, सर्वेक्षण और डिजिटल जानकारी एकत्र करने जैसे कठिन कार्य करने पड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह अतिरिक्त काम उनके नियमित आंगनवाड़ी और बीएलओ कर्तव्यों के साथ तालमेल बिठाना लगभग असंभव हो गया है।श्यामली ने रोते हुए कहा, “सुबह से शाम तक काम में लगी रहती हूं। कभी बच्चों की देखभाल, कभी सर्वे का डेटा। घर और परिवार के लिए समय नहीं बचता। थकान और तनाव इतना बढ़ गया है कि अब मन और शरीर दोनों जवाब देने लगे हैं।”
उनकी यह पीड़ा सुनकर जिलाशासक एस. पोन्नाबलम ने तुरंत उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन बीएलओ और आंगनवाड़ी कर्मियों के कार्य संतुलन पर गंभीरता से विचार करेगा। डीएम ने श्यामली की ईमानदारी और समर्पण की सराहना करते हुए आश्वासन दिया कि उनके कार्यभार को जल्द समायोजित किया जाएगा।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, SIR परियोजना के तहत कई क्षेत्रों में बीएलओ कर्मियों को अतिरिक्त सर्वे और डाटा अपडेट की जिम्मेदारियां दी गई हैं। इस कारण कई कर्मचारी शारीरिक और मानसिक दबाव में काम कर रहे हैं। श्यामली मंडल की यह भावनात्मक प्रतिक्रिया अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई है और इससे जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मियों की वास्तविक स्थिति उजागर हुई है।
स्थानीय शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी कहा है कि सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि जमीनी स्तर के कर्मचारियों का मनोबल बना रहे और वे बिना तनाव के अपनी जिम्मेदारियाँ निभा सकें।









