सुदेश महतो छोड़ेंगे झारखंड: आजसू सुप्रीमो के एक फैसले ने बढ़ायी सियासी हलचल, जानिये क्या उठाने जा रहे हैं सुदेश महतो अगला कदम
Sudesh Mahto will leave Jharkhand: A decision of AJSU supremo has increased political stir, know what is Sudesh Mahto going to take next step

रांची। क्या सुदेश महतो झारखंड छोड़ रहे हैं? क्या अब उनका झारखंड की राजनीति से मन उब गया है? सुदेश महतो के बिना आजसू का क्या हो? ये सवाल भी है और सस्पेंस भी। झारखंड की राजनीति में बहुत तेज हलचल है। खबर है कि आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो झारखंड छोड़ने जा रहे हैं, वो दूसरे राज्य के वोटर बनने वाले हैं।
आजसू पार्टी के सुप्रीमो और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने झारखंड से बाहर निकलने की मंशा क्या है ? ये अभी तक साफ नहीं है। लेकिन, ये पक्की खबर है कि उन्होंने पश्चिम बंगाल के बाघमुंडी विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन दिया है। इस कदम से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है, वहीं झारखंड में उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, झारखंड के सिली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लागाम गांव के मूल निवासी सुदेश महतो ने पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के तुलिन गांव (बूथ नंबर 24) में मतदाता बनने का आवेदन दिया है। बताया जा रहा है कि तुलिन में उनके कुछ पारिवारिक रिश्तेदार रहते हैं और यहां उनके नाम जमीन भी दर्ज है।
बंगाल की राजनीति में नई भूमिका की तैयारी?
आजसू पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के कन्वीनर धीरेंद्र नाथ रजक ने मीडिया को बताया कि पार्टी कार्यकर्ता चाहते हैं कि सुदेश महतो आगामी बंगाल विधानसभा चुनाव में बाघमुंडी सीट से प्रत्याशी बनें। उनका मानना है कि यदि सुदेश महतो यहां से चुनाव लड़ते हैं, तो पार्टी की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में बाघमुंडी सीट पर भाजपा और आजसू के बीच सीट समझौता हुआ था, जिसमें आजसू उम्मीदवार को टीएमसी के सुशांत महतो से 14,000 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था।
हार के बाद बदलते राजनीतिक समीकरण
झारखंड के सिली विधानसभा क्षेत्र से पिछली बार चुनाव हारने के बाद सुदेश महतो के इस फैसले को राजनीतिक पुनर्गठन और संभावनाओं की तलाश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने अभी तक किसी चुनाव लड़ने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन पश्चिम बंगाल में मतदाता बनने की उनकी मंशा ने संकेत दे दिया है कि वे एक नई राजनीतिक रणनीति पर काम कर रहे हैं।
पुरुलिया में सियासी पारा चढ़ा
इस घटनाक्रम के बाद पुरुलिया जिले के बाघमुंडी क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। स्थानीय राजनीतिक दलों में सुदेश महतो की एंट्री को लेकर मंथन और रणनीति पर चर्चा शुरू हो गई है।