बोकारो: कमांडेंट बताकर पुलिसकर्मियों के सामने दिखाने लगा ठसन, ट्रैफिक पुलिस की जांच में CRPF अफसर बताने वाले की खुल गयी पोल, गिरफ्तार
Bokaro: Claiming to be a Commandant, he started showing off in front of policemen. Traffic police investigation exposed the man posing as a CRPF officer and arrested him.

बोकारो। खुद को पुलिस अफसर बताकर पुलिसकर्मियों पर धौंस दिखाने वाले शख्स को गिरफ्तार किया गया है। ये गिरफ्तारी बोकारो जिले में हुई है। जानकारी के मुताबिक वाहन जांच के दौरान खुद को सीआरपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट बताकर ट्रैफिक पुलिस पर आरोपी रौब झाड़ रहा था। आरोपी के पास से कई फर्जी पहचान पत्र बरामद हुए हैं ।
आरोपी की पहचान अश्विनी कुमार ठाकुर के रूप में हुई है, जो वाहन जांच के दौरान ट्रैफिक पुलिस पर धौंस जमाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने आरोपी को पकड़कर बीएस सिटी थाना के हवाले किया, जहां पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। घटना उस समय की है जब बोकारो में नियमित वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक वाहन को रोककर ट्रैफिक पुलिस ने दस्तावेजों की जांच शुरू की।
जांच के दौरान वाहन चालक ने पुलिसकर्मियों से बदसलूकी शुरू कर दी और खुद को सीआरपीएफ का असिस्टेंट कमांडेंट बताते हुए ट्रैफिक पुलिस के पदाधिकारियों और जवानों को सस्पेंड कराने की धमकी देने लगा। आरोपी न तो जांच में सहयोग कर रहा था और न ही वैध दस्तावेज दिखा रहा था।
ट्रैफिक पुलिस को आरोपी की बातों पर संदेह हुआ। जब उन्होंने आरोपी से पहचान पत्र दिखाने को कहा तो उसने एक आईडी कार्ड पेश किया। हालांकि, आईडी कार्ड को देखकर पुलिस को और शक हुआ, क्योंकि उस पर लगी तस्वीर आरोपी के चेहरे से मेल नहीं खा रही थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी से कड़ाई से पूछताछ शुरू की।
पूछताछ के दौरान आरोपी अलग-अलग नाम और पद बताता रहा। पहले उसने अपना नाम संतोष कुमार बताया और खुद को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में पदस्थापित सीआरपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट बताया। लेकिन जब पुलिस ने तकनीकी जांच और दस्तावेजों की गहन पड़ताल की तो सारा मामला संदिग्ध नजर आने लगा।
आरोपी के मोबाइल फोन की जांच करने पर पुलिस को दो और फर्जी पहचान पत्र मिले। इनमें से एक पहचान पत्र राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) संस्था के नाम पर बना हुआ था, जिस पर असीम कुमार नाम दर्ज था। इन फर्जी दस्तावेजों के सामने आने के बाद आरोपी की पोल खुल गई। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना असली नाम अश्विनी कुमार ठाकुर बताया और आधार कार्ड दिखाया, जिसमें उसका पता बीएस सिटी थाना क्षेत्र के जोशी कॉलोनी का बताया गया है।









