बंदर का गजब कांड: बंदर ने बाइक से 80 हजार रुपये के नोटों से भरा झोला निकाला, फिर पेड़ पर चढ़कर करने लगा नोटों की बारिश, मच गयी लूट

Amazing act of monkey: Monkey took out a bag full of notes of 80 thousand rupees from the bike, then climbed the tree and started raining notes, looting took place

Monkey News : एक बंदर ने ऐसा कांड किया, सुनकर आप भी हैरान रह जायेंगे। बंदर ने शिक्षक की बाइक की डिग्गी से पहले तो 80 हज़ार रुपये से भरा झोला निकाल लिया और फिर पेड़ पर चढ़कर नोटों की बारिश शुरू कर दी। अफरा-तफरी के बीच शिक्षक को केवल 52 हज़ार रुपये ही वापस मिल पाए, जबकि 28 हज़ार रुपये हवा में उड़ गए या भीड़ ने दबा लिए।

 

मामला उत्तर प्रदेश औरैया जिले की है, जहां से यह घटना लोगों को चौंकाने वाली रही। बिधूना तहसील परिसर में एक बंदर ने फिल्मी अंदाज़ में रुपये लूट लिए और सबको हैरत में डाल दिया। दरअसल, ग्राम डूडापुर निवासी शिक्षक रोहिताश चंद्र अपने साथी वकील गोविंद दुबे के साथ तहसील पहुंचे थे।

 

 

वे जमीन का बैनामा कराने आए थे और अपने साथ ₹80,000 रुपये लेकर आए थे। रुपये उन्होंने बाइक की डिग्गी में रखकर झोले में डाल दिए। कार्यवाही के दौरान जब वे व्यस्त थे, तभी एक बंदर झोला उठाकर भाग गया और सीधा पेड़ पर चढ़ गया।

 

पेड़ पर पहुंचते ही बंदर ने झोले की जांच-पड़ताल की। जब खाने-पीने का सामान नहीं मिला तो उसने रुपये हवा में उछालना शुरू कर दिया। देखते ही देखते नोटों की बारिश होने लगी। तहसील परिसर में मौजूद लोग नोट समेटने में जुट गए और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

 

घटना का शिकार बने शिक्षक रोहिताश चंद्र ने बताया कि जैसे-तैसे भीड़ और कुछ लोगों की मदद से उन्होंने ₹52,000 रुपये वापस पा लिए, लेकिन बाकी ₹28,000 रुपये लापता हो गए। आशंका है कि या तो नोट हवा में उड़ गए या फिर मौके पर मौजूद लोगों ने दबा लिए।

 

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि बंदर पेड़ की डाली पर बैठकर नोट लहरा रहा है और नीचे खड़े लोग रुपये समेटने की होड़ में लगे हैं।

 

स्थानीय लोगों के अनुसार, तहसील परिसर और आसपास के इलाकों में बंदरों की संख्या काफी ज्यादा है। वे अक्सर झोले, बाइक की डिग्गी और यहां तक कि दस्तावेज भी उठा ले जाते हैं। हालांकि रुपये उड़ाने का यह अनोखा मामला पहली बार सामने आया है।

 

इस घटना ने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है। जहां कुछ लोग इसे हास्यास्पद मान रहे हैं, वहीं पीड़ित शिक्षक रोहिताश के लिए यह एक बड़ी आर्थिक क्षति साबित हुई है। प्रशासन से शिक्षक ने अपील की है कि तहसील परिसर में बंदरों के आतंक को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

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