…वो तीन अनलकी मंत्री: हेमंत सोरेन के वो तीन मंत्री, जिनका मंत्री पद पर रहते हो गया निधन, एक के पुत्र अभी भी मंत्री, दो और…

Ramdas soren Minister। हेमंत सोरेन कैबिनेट के तीसरे मंत्री रामदास सोरेन हैं, जिनका मंत्री पद पर रहते हुए निधन हो गया। कोरोना ने जहां दो मंत्रियों की जान ली, वहीं एक मंत्री हादसे में घायल होकर दुनिया से अलविदा हो गए।
हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार के तीसरे मंत्री रामदास सोरेन हैं, जिनका आकस्मिक निधन कार्यकाल के दौरान हो गया। हालांकि यह एक संयोग ही है। पहले कार्यकाल में जहां दो मंत्रियों की जान गई थी, वहीं इस कार्यकाल में एक मंत्री ने अंतिम सांसें ली है।
हेमंत सोरेन के तीन अनलकी मंत्री
रामदास सोरेन से पहले उनके नेतृत्व वाली पिछली सरकार में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के ही मंत्री रहते जगरनाथ महतो का निधन लंबे समय तक इलाज के बाद हो गया था। कोरोना संक्रमित होने के बाद चेन्नई के एक अस्पताल में उनका लंग ट्रांसप्लांट हुआ था।लंग ट्रांसप्लांट होने के बाद भी जगरनाथ महतो ने मंत्री पद संभाली थी, लेकिन दुर्भाग्य से अचानक तबीयत खराब होने के बाद 6 अप्रैल 2023 को उनकी मौत हो गई थी।
कोरोना से दो मंत्रियों की गई जान
वहीं इसी तरह, हेमंत सोरेन सरकार में ही कोरोना संक्रमित होने के बाद तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन अंसारी का निधन हो गया था।तीन अक्टूबर 2020 को रांची के मेदान्ता अस्पताल में हो गया था। कोरोना संक्रमित होने के बाद उन्हें वहां भर्ती कराया गया था। हाजी हुसैन अंसारी तथा जगरनाथ महतो के निधन से रिक्त हुई सीटों क्रमश: मधुपुर और डुमरी में उप चुनाव हुआ था।
झामुमो अपनी सीट बचाने में सफल रहा था। मधुपुर में हाजी हुसैन के पुत्र हफीजुल हसन तथा डुमरी में जगरनाथ महतो की पत्नी बेबी देवी ने उपचुनाव जीता था। हाफ़िज़ुल हसन दस कार्यकाल में अभी भी मंत्री है, जबकि बेबी देवी डुमरी से जयराम महतो के हाथों इस बार चुनाव हार गई हैं।
कोल्हान में झामुमो के सबसे बड़े नेता
रामदास सोरेन कोल्हान में झामुमो के भरोसेमंद नेताओं में थे। उन्हें घाटशिला विधानसभा क्षेत्र से तीसरी बार विधायक बनने की उपलब्धि हासिल हुई थी। सबसेपहले वे वर्ष 2009 में यहां से निर्वाचित हुए थे। इसके बाद 2019 और 2024 के विधानसभा चुनाव में लगातार दूसरी बार विधायक बने।
2024 में रामदास बने थे मंत्री
वे हेमंत सोरेन की पिछली सरकार में कम समय के लिए ही मंत्री भी बने थे। उस समय उन्हें जल संसाधन और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई थी। वे 30 अगस्त 2024 से 28 नवंबर 2024 तक इन दोनों विभाग के मंत्री रहे।
इसके बाद पिछले वर्ष हेमंत सोरेन के ही नेतृत्व में सरकार बनने पर उन्हें स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने पांच दिसंबर 2024 को मंत्री पद की शपथ ली थी।