झारखंड- “अपनी छोरियां छोरे से कम है के” तीन बेटियों ने गाड़ा कामयाबी का झंडा, एक ही जिले की तीन बेटिंया हुई BSF-CISF में चयनित, SP ने भी कहा, शाबाश…

Jharkhand- "Are our daughters any less than boys?" Three daughters hoisted the flag of success, three daughters from the same district got selected in BSF-CISF, SP also said, well done...

तीन बेटियों ने देश की प्रतिष्ठित अर्धसैनिक बलों में चयनित होकर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। दो युवतियों का चयन सीमा सुरक्षा बल (BSF) और एक का केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में हुआ है, जिससे इलाके में गर्व और उत्साह का माहौल है।

Jharkhand News : जामताड़ा जिले के मिहिजाम थाना क्षेत्र से एक बेहद प्रेरणादायक खबर सामने आई है। चुनौतियों के बावजूद यहां की तीन युवतियों ने कड़ी मेहनत और मजबूत इरादों के बल पर देश के प्रतिष्ठित अर्धसैनिक बलों में जगह बनाई है। पियलसोला पंचायत अंतर्गत केलाही गांव की रहने वाली शबनम परवीन का चयन सीमा सुरक्षा बल (BSF) में पंजाब सेक्टर के लिए हुआ है। शबनम एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं।

उन्होंने बताया कि उनके पास संसाधन सीमित थे, लेकिन सपने बड़े थे। शबनम ने कहा कि पढ़ाई और शारीरिक तैयारी के दौरान कई बार मुश्किलें आईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने अपने पिता को दिया, जिन्होंने हर कदम पर उनका मार्गदर्शन किया और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

वहीं, मिहिजाम नगर परिषद क्षेत्र के कुर्मीपाड़ा मोहल्ले की रहने वाली संजना कुमारी यादव का चयन BSF ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में हुआ है। संजना की कहानी संघर्ष और आत्मनिर्भरता की मिसाल है।

उन्होंने बताया कि जब वह महज पांच साल की थीं, तभी उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद परिवार की सारी जिम्मेदारी उनकी मां पर आ गई। कठिन हालात के बावजूद उनकी मां ने कभी हिम्मत नहीं हारी और संजना की पढ़ाई और सपनों को प्राथमिकता दी। संजना ने कहा कि आज जो कुछ भी हैं, वह अपनी मां के संघर्ष और त्याग की वजह से हैं।

जबकि तीसरी युवती सुष्मिता हेंब्रम, जो मिहिजाम हिल रोड की निवासी हैं, का चयन केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में हुआ है। सुष्मिता ने बताया कि देश की सेवा करना उनका बचपन का सपना था। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने हमेशा अनुशासन, ईमानदारी और मेहनत का महत्व समझाया। इसी सीख ने उन्हें कठिन प्रशिक्षण और चयन प्रक्रिया को पार करने की ताकत दी।

इन तीनों बेटियों की सफलता पर जामताड़ा जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। सोमवार को जामताड़ा के पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता ने अपने कार्यालय में एक सम्मान समारोह आयोजित कर तीनों युवतियों को प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र और माला पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उनके परिजनों को भी सम्मानित किया गया, ताकि उनके योगदान को भी सराहा जा सके।

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