झारखंड में मजदूरी बढ़ी: राज्य सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में की 7.25 प्रतिशत की वृद्धि, जानिये अब कितनी होगी मजदूरी
Wages increased in Jharkhand: The state government increased the minimum wage by 7.25 percent, find out how much wages will be now.

रांची। झारखंड में अब मजदूरी बढ़ गयी है। सरकार ने परिवर्तनशील महंगाई भत्ता (VDA) में 7.25% की वृद्धि करते हुए राज्य में न्यूनतम दैनिक मजदूरी दरों में इजाफा कर दिया है। नई दरें 1 अक्टूबर 2025 से लागू हो गयी है। इससे अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल और अति-कुशल श्रमिकों को अब पहले से अधिक मजदूरी मिलेगी।
। श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। महंगाई भत्ता बढ़ने का सीधा असर न्यूनतम मजदूरी पर पड़ता है, जिसके चलते अब राज्य में सभी श्रेणी के श्रमिकों की मजदूरी में वृद्धि प्रभावी हो गई है। यह संशोधित दरें 01 अक्टूबर 2025 से लागू मानी जाएंगी।
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह बढ़ोतरी अनुसूचित क्षेत्र ‘क’ और अनुसूचित क्षेत्र ‘ख’ दोनों पर लागू होगी। मजदूरी वृद्धि का वर्गीकरण अलग-अलग क्षेत्रों के आधार पर किया गया है, जिसमें प्रमुख शहरी निकाय, नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
नवीन संशोधन के बाद राज्य में अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल और अति-कुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम दैनिक मजदूरी में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नई दरों के अनुसार अब अकुशल श्रमिक को न्यूनतम 434 रुपये प्रतिदिन, अर्द्धकुशल को 456 रुपये, कुशल श्रमिक को 601 रुपये और अति-कुशल श्रमिक को 693 रुपये प्रतिदिन से कम भुगतान नहीं किया जा सकेगा। हालांकि, बड़े शहरों और नगर निकाय क्षेत्रों में यह दरें इससे काफी अधिक होंगी।
रांची, धनबाद, हजारीबाग, जमशेदपुर, देवघर, जुगसलाई, आदित्यपुर और मानगो जैसे बड़े नगरीय क्षेत्रों में मजदूरी दरें ग्रामीण और अन्य नगर स्तरों की तुलना में अधिक निर्धारित की गई हैं। उदाहरण के तौर पर, इन प्रमुख शहरी क्षेत्रों में अनुसूचित क्षेत्र ‘क’ के अंतर्गत आने वाले श्रमिकों की नई दैनिक मजदूरी 502 रुपये से लेकर 800 रुपये प्रतिदिन तक निर्धारित की गई है। वहीं अनुसूचित क्षेत्र ‘ख’ में दरें 478 रुपये से 763 रुपये प्रतिदिन तक होंगी।
नगर परिषद, नगर पंचायत और अन्य सभी शहरी निकायों के लिए भी संशोधित दरें लागू की गई हैं। इनके बाद ग्रामीण या शेष क्षेत्रों के लिए न्यूनतम मजदूरी सबसे कम तय की गई है, जहां अकुशल श्रमिक को 434 रुपये और अति-कुशल को 693 रुपये प्रतिदिन मिलेगा।
सरकार का कहना है कि यह संशोधन महंगाई को देखते हुए आवश्यक था, ताकि आम मजदूर वर्ग को राहत मिले और उनकी जीवन-यापन क्षमता बढ़ सके। मजदूरी वृद्धि से निर्माण, फैक्ट्री, परिवहन, घरेलू कार्य, सर्विस सेक्टर सहित सभी उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।









