झारखंड में शिक्षा मंत्री का पद और दुर्भाग्यपूर्ण संयोग! रामदास सोरेन के निधन के बाद झामुमो को क्यों याद आ रहा 6 अप्रैल 2023 का वो काला दिन….

Ramdas Soren: झारखंड में शिक्षा मंत्री के पद के साथ एक दुर्भाग्यपूर्ण संयोग जुड़ गया है। रामदास सोरेन दूसरे ऐसे शिक्षा मंत्री हैं, जिनका पद पर रहते हुए निधन हो गया। इससे पहले हेमन्त सोरेन के पिछले कार्यकाल में शिक्षा मंत्री रहते हुए जगरनाथ महतो का भी निधन हो गया था, अब दूसरे कार्यकाल में शिक्षा मंत्री बने रामदास सोरेन की भी जान चली गई। झारखंड के शिक्षा मंत्री के साथ जुड़े इस दुर्भाग्यपूर्ण संयोग की भी बड़ी चर्चा है। भले ही दोनों की मौत अलग अलग वजहों और अलग अलग अस्पतालों में हुई हो, लेकिन दोनों की मौत असामयिक ही हुई है।
दूसरे शिक्षा मंत्री का हुआ निधन
इक्तेफाक ये भी है जिन दो विधायकों की शिक्षा मंत्री रहते हुए जान गई है, वो दोनों JMM के ही विधायक रहे थे और दोनों ही JMM के कर्मठ कार्यकर्ता थे। दोनों ने शिबू सोरेन के साथ मिलकर झामुमो को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाई थी और हेमंत सोरेन के काफी करीबी थे। टाइगर जगरनाथ महतो का निधन 8 अगस्त 2023 को चेन्नई के अस्पताल में हो गया था। जबकि रामदास सोरेन ने 15 अगस्त 2025 को अंतिम सांसें ली।
टाइगर जगरनाथ महतो के बाद अब रामदास सोरेन
टाइगर जगरनाथ महतो के निधन के बाद डुमरी में झामुमो का गढ़ ढह गया, तो अब रामदास सोरेन के निधन के बाद कोल्हान में भी झारखंड मुक्ति मोर्चा के लिए शून्य आ गया है। रामदास सोरेन का जाना हेमंत सोरेन के लिए बहुत बड़ा झटका, इसलिए भी है क्योंकि चंपई सोरेन के JMM छोड़कर जाने के बाद झामुमो ने रामदास सोरेन को कोल्हान में प्रोजेक्ट किया था।
दावा ये किया जा रहा था कि रामदास सोरेन, चंपई सोरेन को रिप्लेस करेंगे, लेकिन रामदास सोरेन के निधन के बाद अब कोल्हान में कोई और कद्दावर नेता झामुमो के तरकश में नहीं बचा है।
6 अप्रैल 2023 को जगरनाथ महतो का हुआ था निधन
जगरनाथ महतो का जन्म 1 जनवरी 1967 को हुआ था। उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) विधायक के रूप में डुमरी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था।जगरनाथ महतो गिरिडीह जिले के डुमरी से चार बार JMM विधायक रहे थे। छह अप्रैल 2023 को चेन्नई के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। उनके निधन के बाद उनकी पत्नी बेबी देवी को हेमंत सोरेन ने पहले मंत्री बनाया और फिर डुमरी उपचुनाव में प्रत्याशी बनाया। वो सहानुभूति की लहर में उपचुनाव जीती भी, लेकिन 2024 का विधानसभा चुनाव में जयराम महतो के खिलाफ वो चुनाव हार गई।
जगरनाथ महतो थे चर्चित शिक्षा मंत्री
जगरनाथ महतो ने दसवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी, लेकिन 2020 में ग्यारहवीं कक्षा में दाखिला लेकर अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए चर्चा में रहे थे। हालाँकि, परीक्षा से ठीक पहले, श्री महतो का कोविड-19 परीक्षण पॉजिटिव आया था और उन्हें चेन्नई के एक अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। वे लंबे समय तक कोमा में रहे और उन्हें फेफड़े का प्रत्यारोपण करवाना पड़ा। नौ महीने के लगातार इलाज के बाद ही श्री महतो अपने राज्य लौट पाए। दोबारा फिर उनकी तबियत बिगड़ी, लेकिन वो फिर ठीक हो गए, लेकिन तीसरी बार जब उनकी तबियत बिगड़ी तो उनकी हालत बिगड़ती चली गई और फिर 6 अप्रैल 2023 को उनका निधन हो गया।