10 जवान घायल : गणतंत्र दिवस के बीच नक्सलियों की बड़ी करतूत, IED ब्लास्ट में 10 जवान हुए घायल, बैक टू बैक 6 ब्लास्टसे इलाका थर्राया
10 soldiers injured: Naxalites commit a major crime on Republic Day, injuring 10 soldiers in an IED blast, with six back-to-back blasts shaking the area.

10 Jawan Ghayal : गणतंत्र दिवस के दौरान नक्सलियों ने बड़ी करतूत को अंजाम दिया। 6 IED ब्लास्ट में 10 जवान घायल हो गये। घटना के बाद इलाके में सर्चिंग बढ़ा दी गयी है। ये हादसा उस वक्त हुआ, जब जवान गणतंत्र दिवस की तैयारी के साथ इलाके में निकले थे। पूरी घटना छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र की है, जहां नक्सलियों ने कायराना हरकत करते हुए बीजापुर–तेलंगाना सीमा के पास कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर एक के बाद एक कई IED ब्लास्ट किए।
इन धमाकों में डीआरजी के 9 और कोबरा का 1 जवान घायल हुआ है। सभी घायल जवानों का इलाज जारी है। बीजापुर–तेलंगाना सीमा के पास स्थित कर्रेगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र में नक्सलियों ने एक साथ कई IED ब्लास्ट को अंजाम दिया। इन सीरियल ब्लास्ट में कुल 10 जवान घायल हो गए हैं, जिनमें डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के 9 और कोबरा बटालियन का 1 जवान शामिल है। सभी घायल जवानों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
सर्च अभियान के दौरान हुआ IED ब्लास्ट
जानकारी के अनुसार, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले के सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी सर्च अभियान पर निकली हुई थी। यह इलाका पहले भी नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए कई बड़े अभियानों का गवाह रहा है। रविवार को गणतंत्र दिवस से ठीक पहले नक्सलियों ने इस अभियान को निशाना बनाते हुए सिलसिलेवार IED धमाके किए। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन धमाकों का मकसद 26 जनवरी के मौके पर दहशत फैलाना और सुरक्षाबलों के मनोबल को तोड़ना था।
6 IED ब्लास्ट से मचा हड़कंप
कर्रेगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र में दिनभर में कुल 6 IED ब्लास्ट दर्ज किए गए।
• पहला धमाका सुबह 8:56 बजे हुआ, जिसमें डीआरजी के जवान सीटी बुम्डा माडवी घायल हो गए। उनके हाथों और बाएं पैर में गंभीर चोटें आई हैं।
• दूसरा ब्लास्ट दोपहर 1 बजे हुआ, जिसमें डीआरजी के दो जवान घायल हुए, जिनकी आंख और पैर में चोटें आई हैं।
• तीसरा ब्लास्ट दोपहर 2:45 बजे हुआ, जिसमें तीन जवान घायल हो गए।
• चौथा धमाका दोपहर 3 बजे हुआ, जिसमें डीआरजी का एक जवान जख्मी हुआ।
• पांचवां ब्लास्ट 3:25 बजे हुआ, जिसमें कोबरा बटालियन के एसआई रुद्रेश सिंह घायल हो गए।
• छठा और आखिरी ब्लास्ट 3:55 बजे हुआ, जिसमें डीआरजी के दो जवान इसकी चपेट में आ गए।
नक्सलियों की करतूत आयी सामने
कर्रेगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र को लंबे समय से नक्सलियों का सुरक्षित ठिकाना माना जाता रहा है। यहां नक्सलियों की गतिविधियां लगातार देखी जाती रही हैं। सीरियल ब्लास्ट के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में सघन सर्च और डिमाइनिंग अभियान शुरू कर दिया है। जवान कर्रेगुट्टा हिल्स से लगातार IED बरामद कर रहे हैं, ताकि आगे किसी बड़े नुकसान को रोका जा सके।अंबिकापुर में बीजापुर के कर्रेगुट्टा में हुए IED ब्लास्ट को लेकर गृहमंत्री विजय शर्मा ने बड़ा बयान दिया है।
उन्होंने कहा कि कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर नक्सलियों ने अपना एक तरह से साम्राज्य स्थापित कर रखा था, जिसे सुरक्षाबलों ने पहले ही नेस्तनाबूद कर दिया था। इसी बौखलाहट में नक्सलियों ने उसी इलाके में नए IED प्लांट किए थे, जिनकी चपेट में सुरक्षाबलों के जवान आए हैं।गृहमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि सभी घायल जवानों का बेहतर इलाज चल रहा है और वे खतरे से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी मजबूती से जारी रहेगा। सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है और 31 मार्च तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त करने की दिशा में निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।









