5-5 पर अटका था मुकाबला, एक तीर ने बदल दिया पूरा इतिहास; कुमकुम ने लगाया परफेक्ट 10 और छीन लिया गोल्ड, कोरिया की तीरंदाज देखती रह गई
17 साल की कुमकुम मोहोद ने शूट-ऑफ में दक्षिण कोरिया की ओह येजिन को 10-8 से हराया, एशियाई खेलों में व्यक्तिगत रिकर्व पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं; भारत को मिला 2028 ओलंपिक कोटा

Asian Games 2026: जापान में चल रहे एशियाई खेलों में भारत की 17 साल की तीरंदाज कुमकुम मोहोद ने ऐसा इतिहास रच दिया, जिसे भारतीय तीरंदाजी लंबे समय तक याद रखेगी। महिलाओं की व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा के फाइनल में मुकाबला इतना रोमांचक रहा कि पांच सेट के बाद भारत और दक्षिण कोरिया की खिलाड़ी 5-5 की बराबरी पर पहुंच गईं। इसके बाद फैसला सिर्फ एक-एक तीर से होना था। दक्षिण कोरिया की ओह येजिन ने 8 अंक का निशाना लगाया, लेकिन कुमकुम ने दबाव के उस निर्णायक पल में परफेक्ट 10 लगा दिया। इसी एक तीर ने कुमकुम को गोल्ड और भारत को इतिहास दे दिया।
आखिरी तीर पर थमी थीं सबकी सांसें
फाइनल में कुमकुम को ओह येजिन ने कड़ी चुनौती दी। मुकाबले में एक समय दक्षिण कोरियाई खिलाड़ी बढ़त पर थीं, लेकिन कुमकुम ने शानदार वापसी की। पांचवें सेट में कुमकुम ने लगातार तीन 10 के स्कोर लगाकर मुकाबले को 5-5 की बराबरी पर ला दिया और फिर मैच शूट-ऑफ तक पहुंच गया।
शूट-ऑफ में ओह येजिन ने 8 अंक हासिल किए। अब कुमकुम के सामने जीत के लिए इससे बेहतर निशाना लगाना जरूरी था। 17 साल की भारतीय तीरंदाज ने बिना दबाव में आए सीधे 10 का निशाना साध दिया। जैसे ही तीर 10 पर लगा, कुमकुम ने गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
व्यक्तिगत रिकर्व में भारत की पहली महिला पदक विजेता
कुमकुम की यह जीत सिर्फ एक गोल्ड मेडल तक सीमित नहीं है। वह एशियाई खेलों की महिलाओं की व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। खास बात यह है कि भारत का इस स्पर्धा में पहला महिला पदक सीधे गोल्ड में बदला है।
कुमकुम ने फाइनल तक पहुंचने के सफर में भी शानदार प्रदर्शन किया। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने दक्षिण कोरिया की विश्व चैंपियन कांग चाएयंग को 6-4 से हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में चीन की झू जिंगयी को 6-2 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल की जीत के साथ ही उन्होंने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए भारत के लिए उपलब्ध कोटा स्थानों में से एक भी हासिल किया। यह कोटा नियमों के अनुसार खिलाड़ी के बजाय देश को मिलता है।
एक ही एशियाई खेल में दो गोल्ड और एक सिल्वर
कुमकुम के लिए एशियाई खेल 2026 बेहद खास रहे हैं। व्यक्तिगत रिकर्व का गोल्ड जीतने से पहले वह महिलाओं की रिकर्व टीम स्पर्धा में भी अंकिता भकत और कीर्ति शर्मा के साथ मिलकर भारत को ऐतिहासिक गोल्ड दिला चुकी थीं। भारतीय टीम ने फाइनल में दक्षिण कोरिया को हराकर इस स्पर्धा में अपना पहला एशियाई खेल स्वर्ण पदक जीता था।
इसके अलावा कुमकुम ने धीरज बोम्मादेवरा के साथ मिश्रित रिकर्व टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल भी जीता। इस तरह 17 साल की कुमकुम ने एशियाई खेलों के एक ही संस्करण में दो गोल्ड और एक सिल्वर अपने नाम कर लिया है।
भारत की पदक तालिका में भी बड़ा इजाफा
कुमकुम के ऐतिहासिक गोल्ड के साथ भारत के एशियाई खेलों में पदकों की संख्या 77 पहुंच गई है। इनमें 17 स्वर्ण, 25 रजत और 35 कांस्य पदक शामिल हैं। कुमकुम का गोल्ड भारत के लिए 17वां स्वर्ण पदक है।
17 साल की इस तीरंदाज ने फाइनल में सिर्फ एक तीर से मुकाबला नहीं जीता, बल्कि दबाव के उस पल में अपनी एकाग्रता और सटीक निशाने से भारतीय तीरंदाजी के रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा दिया। 5-5 की बराबरी, फिर शूट-ऑफ और आखिर में परफेक्ट 10 ने कुमकुम की इस जीत को एशियाई खेलों के सबसे रोमांचक पलों में शामिल कर दिया।









