400 डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन पर लगी रोक.. समीक्षा बैठक में कड़ी नाराजगी, उपलब्धि गिरने की वजह कहीं ये तो नहीं..

Dhanbad Health News: स्वास्थ्य समीक्षा बैठक में कड़ी नाराजगी जताते हुए जिले भर के चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन निकासी पर रोक लगा दी गई है। सूत्र इसे अब तक की सबसे बड़ी कारवाई मान रहे हैं साथ ही उपलब्धि 50% होने तक ये रोक जारी रहेगी।
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन ने बुधवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। समीक्षा के क्रम में उन्होंने पाया कि बाघमारा, बलियापुर, गोविंदपुर, झरिया, निरसा, तोपचांची व टुंडी के स्वास्थ्य केंद्रों में हर महीने बहुत कम प्रसव किए गए हैं। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उन्होंने सभी एमओआईसी को इस पर विशेष ध्यान केंद्रित कर प्रसव की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया।
इसके लिए उन्होंने एमओआईसी को सकारात्मक नजरिया रखते हुए स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक सुधार करने और स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित कर प्रसव की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की सेवा करने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना की है। जिससे उन्हें निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिल सके।
*उपायुक्त ने की स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा*
*स्वास्थ्य केंद्रों में कम प्रसव होने पर व्यक्त की कड़ी नाराजगी*
*सभी सीएचसी में कैंटीन स्थापित करने का दिया निर्देश*
*तोपचांची में शुरू किया जाएगा ट्रॉमा सेंटर
वहीं कुपोषण उपचार केंद्र (एमटीसी) में आने वालों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक आहार प्रदान करने के लिए उपायुक्त ने जिले के सभी आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में स्वयं सहायता समूह के सहयोग से कैंटीन लगाने का निर्देश दिया।
उपलब्धि गिरने की वजह कहीं ये तो नही…
रिपोर्ट बताते हैं कि स्वास्थ्य सुविधा बेहतर करने की दिशा में स्वास्थ्य केंद्रों पर CHO की नियुक्ति की गई है, जिसे अपने HWC पर प्रसव कराना है साथ ही 24× 7 अपने केंद्र पर रहकर प्रसव सहित अन्य कार्य संपादित किए जाने हैं परन्तु किसी भी CHO द्वारा स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव नहीं कराया जा रहा है। कागजी खानापूर्ति अवश्य जारी है।साथ ही उसके एवज में मिलने वाली राशि भी कार्यालय की मिलीभगत से भुगतान किया जा रहा है। जिले के पदाधिकारी और उपाधीक्षक सहिया और कर्मियों पर मरीज लाने के लिए आदेश जारी कर सदर अस्पताल के आंकड़े सुधारने में लगे है वहीं CHC की स्थिति खराब हो रही है।
वहीं राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा में उपायुक्त ने इसका कड़ाई से पालन करने तथा स्कूल सहित अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू, सिगरेट इत्यादि का सेवन न बिक्री करने वालों पर जुर्माना लगाने व कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने तपचांची में शीघ्र ट्रॉमा सेंटर शुरू करने, गोविंदपुर में सीएससी बनाने के लिए भूमि चिन्हित करने, सभी स्वास्थ्य केंद्रों में बाउंड्री वॉल बनाने, स्वास्थ्य केंद्रों में आयुष्मान भारत योजना में सिजेरियन डिलीवरी होने पर माता को न्यूट्रीशन किट तथा बच्चे को बेबी किट प्रदान करने, केंदुआडीह में पुराने पीएचसी को डिमोलिश कर नया पीएचसी बनाने का निर्देश दिया।
बैठक में उन्होंने परिवार नियोजन, एनीमिया मुक्त भारत, नेशनल मेंटल हेल्थ प्रोग्राम, 15वें वित्त के अंतर्गत स्वास्थ्य भवनों की स्थिति, मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना, सदर अस्पताल, आयुष्मान भारत सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा की।
बैठक में उपायुक्त श्री आदित्य रंजन, सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा, डॉ सुनील कुमार, डॉ मंजू कुमारी, डीपीएम श्रीमती प्रतिमा कुमारी, जिला परिषद के जिला अभियंता श्री संजीव कुमार दास, वीबीडी सलाहकार श्री रमेश कुमार सिंह, सभी प्रखंड के एमओआईसी, सदर अस्पताल व स्वास्थ्य विभाग के कर्मी मौजूद थे।