भारतीन जवान अब सोशल मीडिया का कर सकेंगे इस्तेमाल, जवानों के लिए नयी गाईडलाइंस जारी, सिर्फ सोशल मीडिया देख सकेंगे, कमेंट-लाइक व शेयर पर पाबंदी, ये शर्तें भी लागू,

Indian soldiers will now be able to use social media; new guidelines have been issued for soldiers, allowing them to view only social media; comments, likes, and shares are prohibited; these conditions also apply.

Indian Army News : भारतीय सेना के जवान अब सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर सकेगे। जवानों के लिए अब नयी गाइडलाइंस जारी की गयी है। 5 साल पहले भारतीय सेना पर सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गयी थी, लेकिन अब भारतीय सेना के जवानों को सोशल मीडिया एप्स के सीमित इस्तेमाल की अनुमति दे दी गई है। नई गाइडलाइंस के तहत जवान सोशल मीडिया कंटेंट देख सकेंगे, लेकिन उस पर प्रतिक्रिया देने और संवेदनशील जानकारी साझा करने पर सख्त पाबंदी रहेगी।

 

यह फैसला बदलती सूचना व्यवस्था और सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। हालांकि यह छूट पूरी तरह से स्वतंत्र नहीं है, बल्कि इसके साथ कई सख्त शर्तें और नियम लागू किए गए हैं। जो नई गाइडलाइंस जारी की गयी हैं, जो सभी रैंकों के जवानों पर समान रूप से लागू होंगी। सेना के जवान अब इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रील, फोटो और वीडियो देख सकेंगे, लेकिन वे किसी भी तरह का लाइक, कमेंट या शेयर नहीं कर पाएंगे।

 

इसका उद्देश्य जवानों को सूचना और ट्रेंड्स से अपडेट रखना है, लेकिन इंटरैक्शन के जरिए संभावित सुरक्षा जोखिमों को रोकना है। वहीं, वॉट्सएप और टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग एप्स पर जवान केवल गैर-गोपनीय और सामान्य जानकारी ही साझा कर सकेंगे। किसी भी तरह की संवेदनशील, रणनीतिक या आधिकारिक सूचना साझा करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

 

यूट्यूब और X (पूर्व में ट्विटर) का इस्तेमाल भी केवल सूचना प्राप्त करने और खबरें देखने के लिए ही किया जा सकेगा, न कि पोस्ट करने या प्रतिक्रिया देने के लिए।इसके अलावा लिंक्डइन, स्काइप और सिग्नल जैसे एप्स के उपयोग को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सेना का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि जवान डिजिटल दुनिया से पूरी तरह कटे न रहें, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता भी न हो।

 

आपको बता दें कि साल 2020 में भारतीय सेना ने सुरक्षा कारणों से एक बड़ा फैसला लेते हुए जवानों और अधिकारियों को 89 मोबाइल एप्स हटाने का आदेश दिया था। इनमें फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक, जूम और पबजी जैसे लोकप्रिय एप्स शामिल थे। उस समय सोशल मीडिया के जरिए हनीट्रैप के कई मामले सामने आए थे, जिनमें सैन्यकर्मियों से संवेदनशील जानकारियां हासिल करने की कोशिश की गई थी।

 

सेना के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और अन्य विदेशी एजेंसियों द्वारा भारतीय जवानों को निशाना बनाया जा रहा था। कई मामलों में सीमा, सैन्य तैनाती और रणनीतिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां लीक होने की आशंका सामने आई थी। इसी वजह से सोशल मीडिया पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया था।

 

सेना से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि नई गाइडलाइंस में बदलाव कुछ दिन पहले ही किया गया था, जिसकी जानकारी अब सार्वजनिक हुई है। सूत्र के अनुसार, इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यह है कि सूचना और संचार की दुनिया तेजी से बदल रही है और सेना खुद को इससे पूरी तरह अलग नहीं रख सकती। सोशल मीडिया आज जानकारी का एक बड़ा माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए जवान देश और दुनिया में हो रही घटनाओं को समझ सकते हैं और जागरूक रह सकते हैं।

ashrita

It is one of the rapidly emerging news websites of the country. HPBL has proved its name (Har Pal Breaking Live) meaningful every time. HPBL, which has become a trusted brand of Bihar-Jharkhand, check every news of HPBL for its reliability before delivering it to you. The reporters and desk staff of hpblnews.com news website work on a 24X7 mission mode for you, the readers.

Related Articles