झारखंड- स्कूली बच्चों के लिए SOP जारी : कड़ाके की ठंड के बीच जिला प्रशासन ने जारी की गाईडलाइन, शीतलहरी और ठंड को लेकर उपायुक्त ने कही ये बात…
Jharkhand - SOP issued for school children: District administration issues guidelines amid severe cold; Deputy Commissioner says this about cold wave and cold...

राँची। झारखंड में शीतलहर और अत्यधिक ठंड से जनजीवन अस्त व्यस्त है। कड़ाके की पड़ रही ठंड के बीच जिला प्रशासन ने जनसुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर विशेष अपील जारी की है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के विशेष बुलेटिन के आधार पर लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने का आग्रह किया गया है।
रांची के उपायुक्त ने कहा है कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), राँची द्वारा जारी विशेष मौसम बुलेटिन के अनुसार जिले में न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है। वर्तमान में शीतलहर की स्थिति ‘येलो जोन’ में है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जनसुरक्षा और नागरिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए राँची के उपायुक्त ने आम जनता से विशेष सावधानियां बरतने की अपील की है।
उपायुक्त ने कहा कि अत्यधिक ठंड के कारण सर्दी-खांसी, निमोनिया, हाइपोथर्मिया जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। खासकर बुजुर्ग, छोटे बच्चे और पहले से बीमार लोगों के लिए यह मौसम अधिक जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में ठंड से बचाव के लिए सभी नागरिकों को जागरूक और सतर्क रहने की आवश्यकता है।
आम जनता के लिए आवश्यक सावधानियां
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें। स्वेटर, जैकेट, मफलर, टोपी, दस्ताने और मोजे का उपयोग अनिवार्य रूप से करें। सुबह, शाम और रात के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें, विशेषकर घने कोहरे के दौरान। ठंड के समय घर के अंदर रहना अधिक सुरक्षित माना गया है।
इसके साथ ही लोगों को गर्म पेय पदार्थ जैसे अदरक वाली चाय, सूप और गुनगुने पानी का सेवन करने की सलाह दी गई है। खुले स्थानों पर आग जलाकर सीधे शरीर गर्म करने से बचने को कहा गया है, क्योंकि इससे सांस संबंधी बीमारियों और आग लगने का खतरा बढ़ सकता है।
बुजुर्गों और बीमार लोगों पर विशेष ध्यान
प्रशासन ने कहा है कि बुजुर्गों, नवजात शिशुओं और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों का विशेष ख्याल रखा जाए। उन्हें ठंडी हवा के सीधे संपर्क में आने से बचाएं और जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। किसी भी तरह के स्वास्थ्य लक्षण दिखने पर देरी न करें।
अभिभावकों के लिए विशेष अपील
अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को ठंड से बचाने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतें। बच्चों को मोटे और पर्याप्त गर्म कपड़े पहनाकर ही घर से बाहर भेजें। यदि बच्चा अस्वस्थ महसूस करे, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। स्कूल जाने वाले बच्चों को सुबह बहुत जल्दी घर से निकलने से बचाएं, क्योंकि सुबह के समय ठंड का असर सबसे अधिक रहता है।
स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए निर्देश
स्कूल जाने वाले बच्चों को सलाह दी गई है कि वे पूरी तरह गर्म कपड़ों में ही स्कूल जाएं और मुंह व नाक को मफलर या स्कार्फ से ढककर रखें। ठंड से बचाव के सभी निर्देशों का पालन करें, जैसे गर्म पानी पीना और हल्का व्यायाम करना। यदि किसी छात्र को ठंड के कारण अस्वस्थता महसूस हो, तो तुरंत अपने शिक्षक या अभिभावक को सूचित करें।जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि शीतलहर की तीव्रता बढ़ती है या हालात गंभीर होते हैं, तो आगे और भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।









