इरफान अंसारी ने नीतीश कुमार को राज्यसभा के फैसले पर कह दी बड़ी बातें..”मत जाईये राज्यसभा, फैसले पर फिर से विचार कीजिये” कहा, कोई प्रताड़ित कर रहा….
Irfan Ansari said big things to Nitish Kumar on the Rajya Sabha decision. "Don't go to Rajya Sabha, reconsider the decision" said, someone is harassing you....

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के निर्णय ने न केवल बिहार, बल्कि झारखंड की राजनीति में भी हलचल मचा दी है। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया पर भावनात्मक अपील करते हुए नीतीश कुमार से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है और संभावित राजनीतिक दबाव पर सवाल उठाए हैं।
________________________________________
Nitish Kumar RajaySabha Candidate : बिहार की राजनीति में आए अप्रत्याशित मोड़ का असर अब पड़ोसी राज्य झारखंड तक साफ दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के राज्यसभा जाने के ऐलान ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है। इसी क्रम में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री Irfan Ansari ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक खुला पत्र साझा कर इस निर्णय पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
रांची से जारी अपने संदेश में इरफान अंसारी ने लिखा कि मुख्यमंत्री पद जैसे महत्वपूर्ण दायित्व को छोड़कर राज्यसभा जाना एक “आत्मघाती राजनीतिक फैसला” प्रतीत होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां उत्पन्न हुईं, जिनके चलते नीतीश कुमार को यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या उन पर किसी प्रकार का राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है या उन्हें मजबूर किया जा रहा है।
अंसारी ने अपने पोस्ट में कहा कि यदि किसी तरह का दबाव या ब्लैकमेलिंग हो रही है, तो यह न केवल एक नेता के सम्मान का प्रश्न है, बल्कि लोकतंत्र की भावना के लिए भी गंभीर विषय है। उन्होंने लिखा कि देश ने हमेशा नीतीश कुमार को एक अनुभवी, संतुलित और दूरदर्शी नेता के रूप में देखा है, जिनसे स्थिरता और साहस की अपेक्षा की जाती रही है।
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि यदि नेतृत्व परिवर्तन की आवश्यकता थी, तो नीतीश कुमार अपने उत्तराधिकारी को आगे बढ़ाकर स्वयं मार्गदर्शक की भूमिका निभा सकते थे। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री या मुख्यमंत्री के रूप में किसी नए चेहरे को स्थापित कर वे संगठन और शासन को दिशा देते रह सकते थे। ऐसे में राज्यसभा जाने की “जल्दबाजी” समझ से परे है।
इरफान अंसारी ने अपने संदेश में यह भी उल्लेख किया कि यह निर्णय केवल बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि झारखंड सहित पूरे देश के राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि सभी लोग स्तब्ध हैं और इस घटनाक्रम को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
अंत में उन्होंने विनम्र अपील करते हुए कहा कि नीतीश कुमार को अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। लोकतंत्र में संवाद और सहयोग का मार्ग हमेशा खुला रहता है और यदि किसी प्रकार की राजनीतिक प्रताड़ना हो रही है, तो उसे सार्वजनिक रूप से सामने लाना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की जनता और लोकतांत्रिक ताकतें ऐसे किसी भी संघर्ष में उनके साथ खड़ी होंगी।
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले ने पहले ही बिहार की राजनीति में उथल-पुथल मचा दी है। अब झारखंड से आई इस प्रतिक्रिया ने मामले को और अधिक राजनीतिक रंग दे दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मुख्यमंत्री अपने फैसले पर कायम रहते हैं या राजनीतिक दबाव और अपीलों के बीच कोई नया मोड़ सामने आता है।









