शिक्षकों की वेतन पर बड़ी खबर: ऑनलाइन अटेंडेंस के आधार पर होगा अब शिक्षकों का वेतन भुगतान, शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, जानिये इससे क्या होगा फायदा
Big news on teachers' salaries: Teachers' salaries will now be paid based on online attendance, a major decision by the Education Department. Find out the benefits.

सरकारी स्कूलों में पदस्थ लाखों शिक्षकों का वेतन अब ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर HRMS पोर्टल से भुगतान होगा । विभाग का कहना है कि इस प्रक्रिया से वेतन में देरी की समस्या दूर होगी और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति में भी सुधार आएगा।
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School Teacher News : सरकारी शिक्षकों के वेतन भुगतान को लेकर शिक्षा विभाग ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। राज्य के सभी 71,863 प्रारंभिक विद्यालयों और 9,360 माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत लगभग 5.90 लाख शिक्षकों को अब ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन का भुगतान किया जाएगा। बिहार सरकार अपने स्कूलों में ये नया प्रावधान लागू करने जा रही है।
बिहार में शिक्षा विभाग के मुताबिक यह भुगतान मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) पोर्टल के माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा। बिहार में शिक्षा विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से शिक्षकों को समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित हो सकेगा और लंबे समय से चली आ रही वेतन भुगतान में देरी की शिकायतें काफी हद तक दूर होंगी।
इसके साथ ही विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति में भी सुधार आएगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।शिक्षकों के समय से वेतन भुगतान की व्यवस्था को लेकर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी।
इस बैठक के बाद विभाग ने बैठक की कार्यवाही के साथ आवश्यक निर्देश जारी किए। निर्देशों के तहत सभी क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशकों, जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को नई व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने के आदेश दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षक और सभी कोटि के शिक्षक ई-शिक्षाकोष मोबाइल एप के माध्यम से प्रतिदिन अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करेंगे।
इसी तकनीकी आधारित ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर HRMS पोर्टल से वेतन भुगतान की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए HRMS टीम और ई-शिक्षाकोष टीम के साथ समन्वय स्थापित कर ऑनलाइन दैनिक उपस्थिति साझा करने की प्रक्रिया तय की जाएगी। विभाग ने निर्देश दिया है कि यह कार्य शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि मार्च माह से नई व्यवस्था पूरी तरह लागू हो सके।
वेतन भुगतान में लापरवाही बरतने पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने वेतन भुगतान लंबित रहने के मामलों में आठ जिला शिक्षा पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। इनमें पटना, सहरसा, औरंगाबाद, जमुई, बेगूसराय, गोपालगंज, जहानाबाद और कटिहार जिले शामिल हैं।
विभाग के अनुसार, जिन जिलों में एक सप्ताह के भीतर लंबित वेतन भुगतान, अवकाश और सेवा संबंधी शुद्धियों के निष्पादन की स्थिति 15 प्रतिशत या उससे कम रही, वहां संबंधित DEO को जिम्मेदार ठहराया गया है।
हालांकि विभाग ने यह भी बताया कि कुल 2,530 लंबित शिकायतों में से 1,239 शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर निष्पादन किया गया है। वहीं 17 जिलों की सराहना की गई है, जहां 75 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का समाधान किया गया।
इन जिलों में बांका, खगड़िया, दरभंगा, कैमूर, लखीसराय, मुंगेर, रोहतास, समस्तीपुर, शेखपुरा, वैशाली, सुपौल, भोजपुर, अरवल, किशनगंज, अररिया, नालंदा और शिवहर शामिल हैं।
शिक्षा विभाग ने जिलों में विशेष कैंप लगाकर शिक्षकों की शिकायतों का समाधान करने का भी निर्देश दिया है। विभाग को अब तक एक लाख 46 हजार से अधिक शिक्षकों की वेतन विसंगति और वरीयता संबंधी शिकायतें ऑनलाइन प्राप्त हुई हैं।
इन शिकायतों के निष्पादन के बाद ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अद्यतन करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी शिक्षकों और कर्मचारियों को 31 मार्च तक ई-सर्विस बुक उपलब्ध कराने का भी लक्ष्य तय किया है। ई-सर्विस बुक में शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति, वेतन निर्धारण, प्रोन्नति, स्थानांतरण, अवकाश, विभागीय कार्रवाई और शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी सभी जानकारियां डिजिटल रूप से दर्ज होंगी।









