गर्लफ्रेंड व उसकी बहन को चाकू से गोदकर मार डाला, इंस्पेक्टर के बेटे को कोर्ट ने सुनायी उम्रकैद की सजा, जानिये कैसे हुई थी ये पूरी वारदात
A court sentenced the inspector's son to life imprisonment after he stabbed his girlfriend and her sister to death. Find out how the incident unfolded.

अदालत ने पीजी में घुसकर गर्लफ्रेंड और उसकी बहन की चाकुओं से गोदकर हत्या करने के दोषी कुलदीप सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह जघन्य वारदात 15 अगस्त 2019 को हुई थी। अदालत ने सीसीटीवी फुटेज, गवाहों और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया।
Court News : गर्लफ्रेंड और उसकी बहन को चाकू से गोदकर मार डालने वाले सनकी आशिक को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनायी है। इंस्पेक्टर के बेटे कुलदीप सिंह ने 2019 में एक बड़ी दर्दनाक घटना को अंजाम दिया था। यह खौफनाक वारदात करीब सात साल पहले 15 अगस्त 2019 को हुई थी, जिसके बाद से आरोपी लगातार न्यायिक हिरासत में जेल में बंद था।
पूरा मामला चंडीगढ़ का है। पंजाब के फाजिल्का जिले की रहने वाली मनप्रीत कौर और उसकी छोटी बहन राजवंत कौर चंडीगढ़ के सेक्टर-22 स्थित एक पीजी में रहकर नौकरी कर रही थीं।
मनप्रीत कौर और कुलदीप सिंह पहले एक ही जगह नौकरी करते थे। इस दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो बाद में नजदीकी रिश्ते में बदल गई। अभियोजन पक्ष के अनुसार, कुलदीप मनप्रीत से शादी करना चाहता था, लेकिन समय के साथ दोनों के रिश्तों में तनाव आ गया और विवाद शुरू हो गया।
15 अगस्त 2019 की सुबह कुलदीप सिंह जबरदस्ती सेक्टर-22 स्थित पीजी में घुस गया। उस वक्त मनप्रीत कौर अपने कमरे में मौजूद थी। आरोपी और मनप्रीत के बीच पहले तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते हिंसा में बदल गई। गुस्से में आकर कुलदीप ने मनप्रीत पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
बहन को बचाने के लिए जब राजवंत कौर बीच-बचाव करने पहुंची, तो आरोपी ने उस पर भी बेरहमी से चाकू से हमला कर दिया। गंभीर चोटों के चलते राजवंत कौर की भी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद दोनों बहनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
जांच के दौरान पीजी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पुलिस के लिए सबसे अहम सबूत साबित हुई। फुटेज में आरोपी सुबह 5 बजकर 9 मिनट पर पीजी की इमारत में दाखिल होता और करीब 12 मिनट बाद बाहर निकलकर फरार होता दिखाई दिया।
वारदात के बाद कुलदीप मौके से फरार हो गया था, लेकिन चंडीगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे अगले ही दिन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शी गवाहों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर यह साबित किया कि दोनों हत्याएं पूर्व नियोजित थीं। जांच में यह भी सामने आया कि मनप्रीत द्वारा शादी से इनकार और रिश्तों में बढ़ते तनाव के चलते आरोपी ने यह खौफनाक कदम उठाया।
सभी सबूतों और गवाहों के बयान सुनने के बाद जिला अदालत ने कुलदीप सिंह को दोहरी हत्या का दोषी करार देते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत के फैसले से मृतक बहनों के परिवार ने संतोष जताया है। यह फैसला एक बार फिर यह संदेश देता है कि रिश्तों में अस्वीकृति या विवाद का समाधान हिंसा नहीं हो सकता और कानून ऐसे अपराधों पर सख्त रुख अपनाता है।









