RBI का बड़ा प्लान! क्या बदलने वाली है आपकी जेब में रखी करेंसी? क्या अब कागज नहीं, प्लास्टिक के होंगे भारतीय नोट? RBI की तैयारी ने बढ़ाई हलचल

नई दिल्ली। आने वाले समय में भारतीय करेंसी का स्वरूप बदल सकता है। अगर भविष्य में आपकी जेब में रखे नोट कागज की बजाय खास तरह के प्लास्टिक जैसे मटेरियल से बने दिखाई दें, तो हैरान होने की जरूरत नहीं होगी। दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की करेंसी प्रिंटिंग कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) ने पॉलिमर बैंकनोट सब्सट्रेट की सप्लाई के लिए वैश्विक कंपनियों से आवेदन आमंत्रित किए हैं।
हालांकि, RBI ने फिलहाल पॉलिमर नोट जारी करने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। यह केवल शुरुआती प्रक्रिया है, जिसके तहत संभावित सप्लायर कंपनियों की तकनीकी क्षमता का आकलन किया जाएगा।
क्यों उठाया गया यह कदम?
BRBNMPL ने 17 जुलाई 2026 को Expression of Interest (EOI) जारी किया है। इसके तहत उन कंपनियों से आवेदन मांगे गए हैं जो आधुनिक सुरक्षा फीचर्स वाले पॉलिमर बैंकनोट सब्सट्रेट तैयार करने और उसकी आपूर्ति करने में सक्षम हैं। इच्छुक कंपनियां 18 अगस्त 2026 तक आवेदन जमा कर सकेंगी। इसके बाद तकनीकी मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू होगी।
क्या जल्द बदल जाएंगे मौजूदा नोट?
फिलहाल इसका जवाब ‘नहीं’ है। RBI ने न तो किसी मूल्य वर्ग के नोट बदलने की घोषणा की है और न ही पॉलिमर नोट लॉन्च करने की तारीख तय की है। अभी केवल यह अध्ययन किया जा रहा है कि भारत के लिए कौन-सी तकनीक सबसे सुरक्षित, टिकाऊ और प्रभावी साबित होगी।
क्या होते हैं पॉलिमर नोट?
पॉलिमर बैंकनोट सामान्य कागजी नोटों की जगह एक विशेष प्लास्टिक आधारित मटेरियल से तैयार किए जाते हैं। ये नोट अधिक मजबूत, लंबे समय तक चलने वाले और नकली नोटों से बेहतर सुरक्षा प्रदान करने वाले माने जाते हैं। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड और सिंगापुर जैसे कई देशों में इनका इस्तेमाल पहले से किया जा रहा है।
पॉलिमर नोटों के बड़े फायदे
- सामान्य नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ होते हैं।
- पानी और नमी से जल्दी खराब नहीं होते।
- आसानी से फटते या गंदे नहीं होते।
- आधुनिक सुरक्षा फीचर्स के कारण नकली नोट बनाना कठिन होता है।
- लंबे समय में नोटों की छपाई और बदलने की लागत कम हो सकती है।
भारत में पहले भी हो चुकी है चर्चा
भारत में पॉलिमर नोटों को लेकर पहले भी विचार किया जा चुका है, लेकिन अब BRBNMPL द्वारा वैश्विक कंपनियों से आवेदन मांगने को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि अंतिम फैसला परीक्षण, तकनीकी समीक्षा और RBI की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा।









