सावधान! कहीं आपकी यूनिवर्सिटी भी फर्जी तो नहीं? UGC ने 32 फर्जी यूनिवर्सिटी की सूची की जारी, UGC ने छात्रों को एडमिशन न लेने की दी सख्त चेतावनी!
Beware! Could your university be fake? The UGC has released a list of 32 fake universities and issued a stern warning to students against seeking admission to them.

नई दिल्ली: देशभर में फर्जी यूनिवर्सिटी पर नकेल कसते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की पहचान की है। शिक्षा मंत्रालय ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए स्पष्ट किया है कि ये सभी संस्थान यूजीसी अधिनियम (UGC Act) के तहत मान्यता प्राप्त नहीं हैं और इन्हें किसी भी तरह की डिग्री या डिप्लोमा प्रदान करने का कानूनी अधिकार नहीं है।
संसद में जानकारी देते हुए शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने बताया कि आयोग द्वारा फरवरी 2026 में यह लिस्ट जारी की गई थी। उन्होंने छात्रों और अभिभावकों को सख्त हिदायत दी है कि किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान में प्रवेश लेने से पहले उसकी मान्यता और वैधता की अच्छी तरह जांच कर लें।
सबसे ज्यादा फर्जी यूनिवर्सिटी राजधानी दिल्ली में
यूजीसी के आंकड़ों के मुताबिक, फर्जी संस्थानों के संचालन के मामले में देश की राजधानी दिल्ली सबसे आगे है।
- दिल्ली: 12
- उत्तर प्रदेश: 04
- आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल: 02-02
- अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा और झारखंड: 01-01
आयोग ने संबंधित राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि इन गैर-मान्यता प्राप्त संस्थानों पर शिकंजा कसने के लिए एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
एडटेक कंपनियों और फ्रेंचाइजी मॉडल पर सरकार की चेतावनी
राज्यसभा में सरकार ने उन एडटेक (EdTech) कंपनियों पर भी नकेल कसने की बात कही, जो मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों के साथ साझीदारी का दावा करके ऑनलाइन और डिस्टेंस लर्निंग (ODL) मोड में डिग्री-डिप्लोमा का विज्ञापन कर रही हैं।
यूजीसी ने स्पष्ट किया है कि आयोग किसी भी विश्वविद्यालय को इस तरह का ‘फ्रेंचाइजी मॉडल’ चलाने की अनुमति नहीं देता। ऐसे किसी भी माध्यम से प्राप्त की गई डिग्रियों को अमान्य माना जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों व एडटेक कंपनियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी संस्थानों की पहचान कैसे करें
छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे विज्ञापन, आकर्षक ऑफर्स या कम फीस के बहकावे में आकर एडमिशन न लें। किसी भी कोर्स में दाखिला लेने से पहले निम्नलिखित सावधानियां बरतें:
- UGC पोर्टल पर जांचें: विश्वविद्यालय का नाम यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट (ugc.gov.in) पर स्वीकृत विश्वविद्यालयों की सूची में देखें।
- डिस्टेंस कोर्स हेतु: यदि आप ऑनलाइन या डिस्टेंस लर्निंग से पढ़ाई कर रहे हैं, तो आयोग के डिस्टेंस एजुकेशन ब्यूरो (DEB) की वेबसाइट पर जाकर कोर्स और संस्थान की मान्यता अवश्य सत्यापित करें।
एंटी-मालप्रैक्टिस सेल रखती है निगरानी
फर्जी संस्थानों और अवैध रूप से चल रहे पाठ्यक्रमों की निगरानी के लिए यूजीसी ने 30 मई 1996 को ‘एंटी-मालप्रैक्टिस सेल’ (Anti-Malpractice Cell) का गठन किया था। यह सेल फर्जी यूनिवर्सिटीज से जुड़ी शिकायतों पर ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show-Cause Notice) जारी करता है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर संस्थान का नाम ब्लैकलिस्ट कर फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची में सार्वजनिक कर दिया जाता है।









