‘तो मैं तुम्हें मर्द की औलाद मानूंगा…’, सुभाष गर्ग पर भड़के निशिकांत दुबे; मानहानि केस का दावा

पूर्व वित्त सचिव के एक पॉडकास्ट में किए दावों पर भड़के बीजेपी सांसद, बोले- माफी नहीं मांगी तो जेल जाएंगे; GDP के आंकड़ों से शुरू हुआ विवाद अब व्यक्तिगत आरोपों तक पहुंचा

नई दिल्ली। पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग और बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के बीच चल रहा विवाद अब कानूनी मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। दुबे ने सोमवार को गर्ग के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराने का दावा किया। यह विवाद गर्ग के एक पॉडकास्ट में दुबे के साथ कथित मुलाकात और उनके कामकाज को लेकर किए गए दावों के बाद तेज हुआ।

किस बात पर भड़के निशिकांत दुबे?

सुभाष गर्ग ने एक पॉडकास्ट में दावा किया था कि जब वह वित्त मंत्रालय में थे, तब निशिकांत दुबे उनके कार्यालय आए थे और कुछ मामलों को लेकर उनसे संपर्क किया था। गर्ग ने दुबे पर कंपनियों के लिए लॉबिंग करने और अधिकारियों के पास ऐसे मामलों को लेकर जाने जैसे आरोप भी लगाए। ये गर्ग के दावे हैं और इनका स्वतंत्र रूप से स्थापित होना अलग विषय है।

इन आरोपों पर निशिकांत दुबे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक्स पर कहा कि उन्होंने गर्ग के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला किया है और गर्ग द्वारा उनके साथ सरकारी कार्यालय में मुलाकात का जिक्र किए जाने को गलत बताया।

दुबे ने दावा किया कि 2009 में सांसद बनने के बाद से वह भारत सरकार के किसी कार्यालय में नहीं गए। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कभी ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़ी कोई चिट्ठी नहीं लिखी। दुबे ने अपने पोस्ट में गर्ग के खिलाफ कड़ी भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अगर उनके दावे को साबित करने वाला कोई रिकॉर्ड सामने आता है, तो वह उसे स्वीकार करेंगे।

‘माफी नहीं मांगी तो जेल जाएंगे’

निशिकांत दुबे ने कहा कि उन्होंने गर्ग के खिलाफ आपराधिक मानहानि का केस किया है और यदि वह माफी नहीं मांगते हैं तो उन्हें जेल जाना पड़ेगा। फिलहाल यह दुबे का दावा है; मामले की कानूनी स्थिति और अदालत की आगे की कार्रवाई अलग से तय होगी।

GDP के आंकड़ों से शुरू हुई थी तकरार

दोनों के बीच विवाद की पृष्ठभूमि हालिया GDP आंकड़ों को लेकर शुरू हुई बहस से जुड़ी है। पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग ने भारत की पहली तिमाही की 7.8 प्रतिशत GDP वृद्धि दर पर सवाल उठाते हुए पुराने और संशोधित आंकड़ों के बीच अंतर का मुद्दा उठाया था। उन्होंने तर्क दिया कि पहले जारी किए गए आंकड़ों और बाद में संशोधित आंकड़ों की तुलना किए जाने पर वृद्धि की तस्वीर अलग दिखाई देती है।

गर्ग के इन दावों का सरकारी पक्ष और अन्य अर्थशास्त्रियों की ओर से विरोध किया गया है। GDP की गणना में इस्तेमाल आंकड़ों, संशोधनों और पद्धति को लेकर सार्वजनिक बहस भी हुई है।

2018 की चिट्ठी भी फिर चर्चा में आई

इस विवाद के बीच निशिकांत दुबे की वर्ष 2018 की एक पुरानी चिट्ठी भी चर्चा में आई, जिसमें उन्होंने तत्कालीन आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष गर्ग की आर्थिक नीतियों और उनके कामकाज को लेकर तत्कालीन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने आपत्तियां रखी थीं। यह पत्र हालिया GDP विवाद के बाद फिर से सामने आया।

अब GDP के आंकड़ों को लेकर शुरू हुई बहस निशिकांत दुबे और सुभाष गर्ग के बीच व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप और कथित मानहानि मामले तक पहुंच गई है। आगे इस मामले में कानूनी प्रक्रिया क्या रूप लेती है, इस पर नजर रहेगी।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *