चित्रकूट में मंदाकिनी का रौद्र रूप! पुल देखते ही देखते बहा, 400 दुकानें डूबीं… सड़कों पर चली नावें

30 फीट उफान के बाद मंदाकिनी ने मचाई तबाही, यूपी-एमपी के बीच सड़क संपर्क टूटा; घरों और मंदिरों में घुसा बाढ़ का पानी, राहत-बचाव में जुटीं NDRF-SDRF टीमें

 

चित्रकूट। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि देखते ही देखते शहर की तस्वीर बदल गई। नदी में करीब 30 फीट का उफान आने के बाद हनुमान धारा क्षेत्र में बना करीब 300 फीट लंबा पुल बाढ़ की तेज धार में टूटकर बह गया। वहीं करीब 400 दुकानें पानी की चपेट में आ गईं। हालात इतने बिगड़ गए कि कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं और सड़कों पर नावें चलानी पड़ीं।

बाढ़ के कारण उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई जगह रेलवे ट्रैक पर भी पानी भर गया है। हालात के चलते बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और होटलों में फंस गए हैं। प्रशासन और राहत-बचाव टीमें लगातार प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने में जुटी हैं।

मंदाकिनी के उफान ने तोड़ा पुल, हाईवे पर भी भारी वाहनों की एंट्री बंद

एनएच-35 के कर्वी-मंदाकिनी पुल की एप्रोच रोड का एक हिस्सा बाढ़ के तेज बहाव में बह गया। पुल धंसने के बाद प्रशासन ने यहां से भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया है। झांसी-प्रयागराज नेशनल हाईवे पर भी भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।

बताया जा रहा है कि एक दिन पहले तक मंदाकिनी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा था। इसके बाद जलस्तर और बढ़ने से पुल की स्थिति और खराब हो गई और उसका हिस्सा धंस गया।

शहर को जोड़ने वाला मेन पुल भी क्षतिग्रस्त

कर्वी कोतवाली क्षेत्र में शहर को जोड़ने वाला मंदाकिनी नदी का मुख्य पुल भी बाढ़ की चपेट में आ गया है। पुल की रेलिंग टूट गई है और आसपास मौजूद मंदिरों तथा कई छतों को भी नुकसान पहुंचा है। बाढ़ के पानी के साथ बड़ी मात्रा में लकड़ियां बहकर आईं, जिससे पुल और आसपास के इलाकों में मलबे का ढेर लग गया।

प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही प्रभावित इलाकों में भोजन और जरूरी सामान उपलब्ध कराया जा रहा है।

300 साल पुराना मंदिर भी नहीं बच सका

मध्य प्रदेश की ओर स्थित चित्रकूट में भी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। यहां करीब 300 साल पुराने ठाकुर छविकिशोर मंदिर को भी नुकसान पहुंचा है। चूने-पत्थर से बनी मंदिर की मजबूत दीवारें तक ढह गईं।

मंदिर के अंदर बाढ़ का पानी घुस गया और गर्भगृह तक पानी पहुंचने से भगवान के ऊपर भी पानी चढ़ गया। मंदिर में रखे वाद्य यंत्र खराब हो गए, जबकि भगवान के श्रृंगार के कपड़े और अन्य सामान भी पानी में बर्बाद हो गए।

हनुमान धारा मंदिर क्षेत्र में हुए नुकसान की भयावह तस्वीर प्रत्यक्षदर्शी दिलीप तिवारी ने बताई। उनके मुताबिक बाढ़ का पानी बेहद तेज रफ्तार से आया और कुछ ही देर में पुल समेत आसपास का ढांचा उसकी चपेट में आ गया।

घरों में कई फीट तक जमा हुई सिल्ट

बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब लोगों के सामने नई परेशानी खड़ी हो गई है। प्रभावित घरों में कई मीटर तक सिल्ट और मिट्टी जमा हो गई है। लोग फावड़े की मदद से अपने घरों के अंदर जमा मिट्टी और मलबा निकाल रहे हैं।

कई इलाकों में अभी भी पानी भरा हुआ है और सड़कों पर नावों के जरिए लोगों की आवाजाही हो रही है। यूपी-एमपी के बीच संपर्क टूटने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन ने राहत शिविर और हेल्पलाइन की व्यवस्था की

जिला मजिस्ट्रेट पुलकित गर्ग ने बताया कि यूपी टूरिज्म चौराहे के पास बने म्युनिसिपल नाइट शेल्टर में लोगों के ठहरने, भोजन और जरूरी सामान की व्यवस्था की गई है। जरूरतमंद लोग वहां रात गुजार सकते हैं।

उन्होंने बताया कि NDRF और SDRF की टीमें तैनात हैं और फंसे हुए लोगों तक खाने-पीने की सामग्री पहुंचाई जा रही है। प्रशासन के मुताबिक पानी का स्तर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। लोगों से धैर्य बनाए रखने और किसी भी परेशानी की स्थिति में कंट्रोल रूम से संपर्क करने की अपील की गई है।

 

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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