नेपाल की तबाही के बीच भारत बना सहारा! पुल से लेकर DNA टीम तक भेजी मदद, जानिए अब तक क्या-क्या पहुंचाया
भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बीच भारत ने नेपाल के लिए बढ़ाया मदद का हाथ; 4 राहत उड़ानों से 68.5 टन सामग्री पहुंची, अब मॉड्यूलर ब्रिज और फॉरेंसिक टीम भी संभालेगी मोर्चा

नई दिल्ली। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी है। सड़कें और पुल बह जाने से कई क्षेत्रों का संपर्क टूट गया है, जबकि राहत और बचाव अभियान के सामने भी बड़ी चुनौतियां हैं। ऐसे मुश्किल वक्त में भारत लगातार नेपाल की मदद के लिए जरूरी संसाधन भेज रहा है।
भारत ने राहत सामग्री के साथ मेडिकल टीम, सुरंग बचाव विशेषज्ञ, फॉरेंसिक एक्सपर्ट और डीएनए जांच से जुड़े उपकरण तक नेपाल भेजे हैं। इतना ही नहीं, बाढ़ में टूटे संपर्क को बहाल करने के लिए मॉड्यूलर स्टील ब्रिज बनाने का सामान भी नेपाल पहुंचाया गया है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर के मुताबिक, भारत की ओर से चौथी राहत उड़ान भी नेपाल के लिए रवाना की गई, जिसमें 11 टन अतिरिक्त राहत सामग्री भेजी गई। अब तक चार उड़ानों के जरिए कुल 68.5 टन राहत सामग्री काठमांडू पहुंचाई जा चुकी है।
पहली उड़ान में क्या-क्या भेजा गया?
भारत की पहली राहत उड़ान में करीब 10 टन आपातकालीन सामग्री भेजी गई थी। इसमें अस्थायी आश्रय के लिए जरूरी सामान, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाइयां शामिल थीं।
इसके बाद भारतीय वायुसेना के C-17 विमान से करीब 37.5 टन राहत सामग्री नेपाल पहुंचाई गई। इसमें टेंट, कंबल, स्वच्छता से जुड़ी सामग्री, डी-वॉटरिंग पंप, किचन सेट, जनरेटर, दवाइयां और खाद्य सामग्री शामिल थी।
तीसरी उड़ान में पहुंची मेडिकल और रेस्क्यू टीम
भारत ने सिर्फ राहत सामग्री भेजने तक खुद को सीमित नहीं रखा। तीसरी उड़ान में सामान के साथ भारतीय सेना की सुरंग बचाव विशेषज्ञ टीम और मेडिकल टीम को भी नेपाल भेजा गया।
बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में सुरंगों और जलविद्युत परियोजनाओं में लोगों के फंसे होने की आशंका के बीच इन विशेषज्ञ टीमों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
चौथी फ्लाइट में पहुंची DNA और फॉरेंसिक टीम
अब चौथी उड़ान के जरिए नेपाल को 11 टन अतिरिक्त सहायता भेजी गई है। भारतीय वायुसेना के C-130 विमान से पहुंचाई गई इस मदद में सुरंगों में खोज एवं बचाव के लिए तकनीकी दल, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और DNA जांच से जुड़े उपकरण शामिल हैं।
फॉरेंसिक टीम नेपाली अधिकारियों को आपदा में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान करने में मदद करेगी। इसके अलावा कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट भी भेजे गए हैं।
पुल बह गए तो भारत ने भेजा नया पुल बनाने का सामान
बाढ़ की वजह से नेपाल के कई इलाकों में पुल बह गए हैं, जिससे राहत कार्य और लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इसे देखते हुए भारत ने 230 फीट लंबे सिंगल-लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के निर्माण से जुड़ा सामान 16 ट्रकों के जरिए नेपाल पहुंचाया है।
इसके अलावा सात और बेली ब्रिज लगाने के लिए जरूरी उपकरण और तकनीकी टीमें भी भेजी जानी हैं। इससे बाढ़ से टूटे संपर्क को दोबारा बहाल करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अब तक 68.5 टन राहत सामग्री पहुंची
विदेश मंत्री एस. जयशंकर के मुताबिक, नेपाल में जारी राहत अभियान के तहत अब तक 68.5 टन राहत सामग्री काठमांडू पहुंचाई जा चुकी है।
इसमें दवाइयां, भोजन के पैकेट, पानी साफ करने वाली गोलियां, पोर्टेबल जनरेटर, टेंट, कंबल और बचाव कार्य में इस्तेमाल होने वाले जरूरी तकनीकी उपकरण शामिल हैं।
मुश्किल हालात में जारी है भारत का राहत अभियान
नेपाल में बाढ़ और फ्लैश फ्लड ने कई इलाकों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सड़क और पुल बह जाने से राहत सामग्री को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाना भी चुनौती बन गया है।
ऐसे समय में भारत की मदद केवल खाद्य सामग्री और दवाइयों तक सीमित नहीं है। रेस्क्यू विशेषज्ञों से लेकर मेडिकल टीम, DNA जांच के उपकरण और पुल निर्माण की तकनीकी सहायता तक उपलब्ध कराई जा रही है। जरूरत के मुताबिक भारत की ओर से राहत और बचाव अभियान में आगे भी सहायता जारी रखने की बात कही गई है।









