रांची में 6 राउंड फायरिंग से दहशत… घर के बाहर चलीं गोलियां, अब CCTV खोलेगा राज!
दो गुटों के विवाद के बाद अचानक हुई ताबड़तोड़ फायरिंग से मचा हड़कंप, मुख्य गवाह ने लगाया डराने-धमकाने का आरोप; 17 तारीख की कोर्ट पेशी से भी जुड़ रही घटना की कड़ी

रांची। राजधानी रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र में रविवार रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब धोबी घाट स्थित उर्दू लाइब्रेरी के पास दो गुटों के बीच विवाद के बाद अचानक फायरिंग शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, करीब छह राउंड गोलियां चलने की बात सामने आई है।
गोलियों की आवाज सुनते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग डरकर अपने घरों और दुकानों के अंदर चले गए, जबकि सड़क पर मौजूद लोग अपने वाहनों से वहां से निकलने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
पहले कहासुनी… फिर अचानक चलीं गोलियां
बताया जा रहा है कि उर्दू लाइब्रेरी के पास किसी बात को लेकर दो गुटों में कहासुनी शुरू हुई थी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इसी दौरान अचानक फायरिंग शुरू हो गई।
लगातार गोलियां चलने की आवाज से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। कुछ देर तक इलाके में तनाव का माहौल बना रहा। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और फायरिंग की नौबत कैसे आई।
मुख्य गवाह ने लगाया डराने के लिए गोली चलाने का आरोप
दरगाह कमेटी के महासचिव जावेद ने आरोप लगाया है कि उनके घर के पास उन्हें डराने के उद्देश्य से फायरिंग की गई। जावेद का दावा है कि वह अल्ताफ हत्याकांड के मुख्य गवाह हैं और आगामी 17 तारीख को उनकी कोर्ट में पेशी होनी है।
उनका आरोप है कि मामले से जुड़े आरोपी उन्हें धमकाकर कोर्ट जाने और गवाही की प्रक्रिया से दूर रखने का दबाव बना रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
जमीन विवाद की कड़ी भी सामने आई
जावेद ने एक अन्य जमीन विवाद से जुड़े मामले का भी जिक्र किया है। उनके मुताबिक, इस मामले में हुई हिंसक झड़प की उनकी पत्नी सूचक हैं।
जावेद का आरोप है कि दोनों मामलों को लेकर उन्हें और उनके परिवार पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फायरिंग के पीछे इन विवादों में से किसी की भूमिका है या घटना की वजह कुछ और है।
इन लोगों पर जताया शक
फायरिंग के मामले में जावेद ने छोटू, अफाक और संजर पर गोली चलाने का शक जताया है। इसके अलावा उन्होंने अली, आजम समेत कुछ अन्य लोगों की भूमिका पर भी आशंका जाहिर की है।
पुलिस फिलहाल लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। किसी की भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
CCTV फुटेज में कैद हुआ होगा पूरा घटनाक्रम?
घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के वक्त मौके पर कौन-कौन मौजूद था और फायरिंग किसने की।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वास्तव में कितनी गोलियां चलाई गईं और कितने हथियारों का इस्तेमाल हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटना से पहले हुए विवाद से लेकर फायरिंग के बाद आरोपियों के भागने तक की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
17 तारीख की कोर्ट पेशी से क्या है कनेक्शन?
जावेद द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद उनकी 17 तारीख की कोर्ट पेशी भी पुलिस की जांच का अहम बिंदु बन गई है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग का मकसद वास्तव में गवाही को प्रभावित करने का दबाव बनाना था या फिर इसके पीछे कोई दूसरा विवाद है।
फिलहाल डोरंडा थाना पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर फायरिंग में शामिल लोगों की पहचान और घटना की असली वजह सामने लाने की कोशिश जारी है।









