UPDATE: JPSC-CGL में ‘सेटिंग’ का खेल? देवघर से क्लर्क गिरफ्तार, 1200 अभ्यर्थियों की कड़ी ने बढ़ाया सस्पेंस
करीब दो दर्जन अभ्यर्थियों से कथित लेन-देन और 1200 उम्मीदवारों को एक जगह जुटाकर सवाल-जवाब रटाने के दावे ने जांच एजेंसी को चौंकाया, अब खुलेंगे नेटवर्क से जुड़े कई राज

देवघर। झारखंड की 13वीं/14वीं JPSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच के बीच CID ने देवघर में बड़ी कार्रवाई की है। मोहनपुर थाना क्षेत्र से जांच एजेंसी ने सुधाकर यादव नामक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह अभ्यर्थियों से पैसे लेकर परीक्षा में पास कराने और नौकरी दिलाने के नाम पर कथित सेटिंग कराने वाले नेटवर्क से जुड़ा था।
इस कार्रवाई में मोहनपुर थाना पुलिस ने CID की टीम को सहयोग किया। गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसी इस कथित नेटवर्क की परतें खोलने में जुट गई है।
करीब दो दर्जन अभ्यर्थियों से कथित सेटिंग का आरोप
मोहनपुर थाना प्रभारी संदीप कृष्ण ने सुधाकर यादव की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। पुलिस के अनुसार, CID से मिली सूचना के आधार पर संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ा गया।
जांच के दौरान उसके द्वारा करीब दो दर्जन अभ्यर्थियों के साथ कथित तौर पर सेटिंग किए जाने की जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस पूरे नेटवर्क में सुधाकर यादव की वास्तविक भूमिका क्या थी और उसके साथ कौन-कौन लोग जुड़े थे, इसका खुलासा CID की विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा।
1200 अभ्यर्थियों को एक जगह जुटाने का दावा, यहीं से बढ़ा शक
जांच में एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है। जांच एजेंसी के सामने यह दावा आया है कि अलग-अलग जिलों के करीब 1200 अभ्यर्थियों को एक स्थान पर एकत्रित किया गया था।
बताया जा रहा है कि वहां परीक्षा से जुड़े सवाल-जवाब रटाने की प्रक्रिया हुई थी। अब CID यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को किसके निर्देश पर जुटाया गया, उन्हें वहां कौन लेकर आया और इस पूरी कथित व्यवस्था के पीछे असली चेहरे कौन थे।
2018 से रांची सचिवालय में क्लर्क है सुधाकर यादव
गिरफ्तार सुधाकर यादव के बारे में बताया जा रहा है कि वह वर्ष 2018 से रांची सचिवालय में लिपिक के पद पर कार्यरत है। सरकारी नौकरी में रहते हुए उसका कथित परीक्षा नेटवर्क से कनेक्शन जांच एजेंसी के लिए अहम बिंदु बन गया है।
गिरफ्तारी के बाद CID उसके बैंक खातों, मोबाइल फोन और संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी खंगाल रही है। कथित आर्थिक लेन-देन की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अभ्यर्थियों से पैसे लिए गए थे या नहीं और यदि लिए गए तो रकम कहां और किसके जरिए पहुंची।
ट्रांजिट रिमांड पर रांची ले गई CID
गिरफ्तारी के बाद CID की टीम सुधाकर यादव को ट्रांजिट रिमांड पर रांची ले गई है। वहां उससे परीक्षा में कथित गड़बड़ी, अभ्यर्थियों से संपर्क, पैसों के लेन-देन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
पूछताछ में सामने आने वाली जानकारी इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए अहम मानी जा रही है।
CID जांच में सामने आएगा नेटवर्क का असली चेहरा
13वीं/14वीं JPSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार ने मामले की जांच CID को सौंपी है। इसके बाद से जांच एजेंसी लगातार अलग-अलग कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।
देवघर से हुई सुधाकर यादव की गिरफ्तारी को इसी जांच की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सुधाकर यादव सिर्फ एक कड़ी है या उसके पीछे परीक्षा में कथित सेटिंग का पूरा नेटवर्क काम कर रहा था?
फिलहाल CID की जांच जारी है और आरोपी पर लगे आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।








