हॉस्टल में नाबालिग छात्र के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार से हड़कंप, हाईकोर्ट सख्त; JHALSA-DLSA ने संभाली जांच और मदद की कमान
21 सितंबर की रात की बताई जा रही घटना, POCSO के तहत FIR के बाद आरोपी नाबालिग हिरासत में; पीड़ित बच्चे के इलाज, काउंसलिंग और कानूनी सहायता की निगरानी कर रहा विधिक सेवा प्राधिकार

रांची के पिठोरिया थाना क्षेत्र स्थित एक हॉस्टल में नाबालिग छात्र के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद झारखंड हाईकोर्ट ने गंभीरता दिखाई है। मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार की सदस्य सचिव रंजना अस्थाना को मामले की गहन जांच कराने और पीड़ित बच्चे को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद JHALSA और रांची जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।
झारखंड हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर JHALSA और न्यायिक अधिकारियों से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध है।
DLSA की टीम पहुंची पिठोरिया थाना
प्रधान न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा के निर्देश पर रांची DLSA की टीम पिठोरिया थाना पहुंची। टीम ने पुलिस अधिकारियों से मामले की अब तक हुई जांच और कार्रवाई की जानकारी ली। इसके साथ ही टीम ने पीड़ित बच्चे के पिता से मुलाकात कर उसकी स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की।
DLSA की ओर से अनुसंधानकर्ता से जांच की प्रगति रिपोर्ट भी मांगी गई है। यह रिपोर्ट JHALSA को सौंपी जाएगी, ताकि मामले में आगे की कार्रवाई और पीड़ित बच्चे को उपलब्ध कराई जा रही सहायता की निगरानी की जा सके।
इलाज और काउंसलिंग की व्यवस्था
हाईकोर्ट के स्वतः संज्ञान के बाद पीड़ित बच्चे के उपचार और काउंसलिंग की व्यवस्था किए जाने की जानकारी सामने आई है। परिवार को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के साथ पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
DLSA के मुताबिक, मामले में बच्चे की सुरक्षा, गरिमा, हित और पुनर्वास को प्राथमिकता दी जा रही है। विधिक सेवा प्राधिकार की टीम पुलिस जांच के साथ-साथ पीड़ित को मिलने वाली कानूनी और अन्य सहायता की स्थिति पर भी नजर रख रही है।
21 सितंबर की रात की बताई जा रही घटना
परिजनों की शिकायत के अनुसार, घटना 21 सितंबर की रात करीब 10:30 बजे हुई थी। पीड़ित छात्र ने अगले दिन 22 सितंबर को फोन पर रोते हुए अपने परिजनों को कथित घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन स्कूल पहुंचे और मामले की जानकारी लेने के बाद पिठोरिया थाना में शिकायत दर्ज कराई।
पीड़ित के पिता की ओर से पुलिस को दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि एक अन्य छात्र ने उनके बेटे को डराने-धमकाने के बाद कथित घटना को अंजाम दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है और आरोपी नाबालिग को हिरासत में लिया है। मामले के अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
स्कूल और हॉस्टल प्रबंधन पर भी सवाल
घटना के बाद पीड़ित के परिजनों ने स्कूल और हॉस्टल प्रबंधन पर समय पर उन्हें तथा पुलिस को सूचना नहीं देने का आरोप लगाया था। परिजनों का कहना था कि 21 सितंबर की रात हुई घटना की जानकारी उन्हें अगले दिन मिली।
वहीं, उपलब्ध पुलिस और स्कूल पक्ष की जानकारी के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने के बाद मामले की जांच की गई और पुलिस को सूचना दी गई। स्कूल परिसर में लगे CCTV कैमरों की जांच के बाद आरोपी छात्र की पहचान किए जाने की बात भी सामने आई है।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद बढ़ी निगरानी
मामले में अब पुलिस जांच के साथ JHALSA और DLSA की टीम भी सक्रिय है। विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से पीड़ित बच्चे को कानूनी सहायता, उपचार, काउंसलिंग और प्रतिकर से जुड़ी प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है।
फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मामले में पीड़ित बच्चे की सुरक्षा और उसके अधिकारों को लेकर निगरानी और सहायता की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।









