‘रात 10 बजे से सुबह 10 बजे’ तक उफनती नदी में मगरमच्छों के बीच तैरती रही 70 साल की बुजुर्ग, कहा- शौच के लिए गई थी और फिर
शौच के लिए नदी किनारे गई थीं केसी दलाई, फिसलते ही तेज बहाव में पहुंचीं बीच धारा; रातभर पानी में बहने के बाद नाव सवार युवकों ने देखा और बचाया

ओडिशा से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो सकते हैं। 70 साल की एक बुजुर्ग महिला रात के अंधेरे में नदी के किनारे गई थीं, लेकिन अचानक पैर फिसलने के बाद वह उफनती ब्रह्मणी नदी के तेज बहाव में बह गईं। इसके बाद करीब 12 घंटे तक वह नदी के पानी में बहती और तैरती रहीं। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान वह करीब 30 किलोमीटर दूर तक बह गईं और आखिरकार अगले दिन सुबह नाव से गुजर रहे दो युवकों की नजर उन पर पड़ी।
बुजुर्ग महिला की पहचान कालाखंड गांव की रहने वाली केसी दलाई के रूप में हुई है। उन्हें केंद्रपाड़ा जिले के पट्टामुंडई के पास नदी से सुरक्षित बाहर निकाला गया। युवकों ने उन्हें नाव में खींचकर बाहर निकाला और प्राथमिक मदद देने के बाद अस्पताल पहुंचाया।
रात 10 बजे फिसला पैर और अचानक नदी के बीच पहुंच गईं
बचाए जाने के बाद केसी दलाई ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार रात करीब 10 बजे वह शौच के लिए नदी के किनारे गई थीं। उन्हें अंदाजा नहीं था कि जिस जगह वह खड़ी हैं, वहां जमीन ऊबड़-खाबड़ और फिसलन भरी है। जैसे ही उन्होंने नीचे कदम रखा, उनका पैर फिसल गया और वह सीधे नदी के तेज बहाव में जा गिरीं।
दलाई के मुताबिक, उन्हें कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला और देखते ही देखते वह नदी की धारा में बहने लगीं। इसके बाद उन्होंने रात करीब 10 बजे से अगली सुबह 10 बजे तक पानी में तैरते और बहते हुए समय गुजारा।
लगभग 12 घंटे तक नदी के पानी में रहने के बाद जब वह पट्टामुंडई के पास पहुंचीं, तब उन्हें नाव से गुजर रहे दो युवक दिखाई दिए। दलाई ने मदद के लिए अपना हाथ उठाया। युवकों ने उन्हें देख लिया और नाव उनकी तरफ मोड़कर बुजुर्ग महिला को पानी से बाहर निकाला।
नाव सवार युवकों ने ऐसे बचाई जान
नदी से बाहर निकालने के बाद दोनों युवकों ने महिला को कपड़े दिए और ठंड से राहत देने के लिए उनके शरीर को रगड़कर गर्म रखने की कोशिश की। इसके बाद एंबुलेंस को सूचना दी गई और उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
इतनी लंबी दूरी तक तेज बहाव वाली नदी में रहने के बावजूद दलाई का जीवित मिलना स्थानीय लोगों के लिए भी किसी चमत्कार से कम नहीं था।
‘खुद भगवान ने बचाया, नदी में बहुत सारे मगरमच्छ हैं’
घटना के बारे में स्थानीय निवासी अशोक पानी ने बताया कि जब महिला के नदी में बहने की जानकारी मिली तो लोग उन्हें खोजने के लिए इधर-उधर तलाश करने लगे। बाद में पता चला कि वह पट्टामुंडई में मिली हैं।
अशोक पानी ने कहा कि नदी में बड़ी संख्या में मगरमच्छ भी मौजूद हैं। ऐसे में इतनी देर तक नदी के पानी में रहने के बाद बुजुर्ग महिला का सुरक्षित मिलना बेहद असाधारण है। स्थानीय लोगों ने इसे भगवान की कृपा बताया।
ओडिशा में भारी बारिश के बीच उफान पर कई नदियां
यह घटना ऐसे समय हुई है जब ओडिशा के कई हिस्सों में मॉनसून की बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
मयूरभंज जिले के बड़ासाही ब्लॉक की मानागोबिंदापुर पंचायत के अंतर्गत कुंचीबानिया गांव के पास गंगाहर नदी का तटबंध टूटने की भी सूचना सामने आई है। तटबंध टूटने के बाद बड़ी मात्रा में पानी आसपास के खेतों में फैल गया, जिससे कई एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई।
ODRAF और फायर सर्विस की टीमें राहत-बचाव में जुटीं
बाढ़ के कारण कई इलाकों में स्थानीय लोग बढ़ते पानी के बीच फंस गए हैं। ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स यानी ODRAF की टीमों ने प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान शुरू किया है। फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ-साथ जरूरतमंदों तक राहत पहुंचाने का काम भी किया जा रहा है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और राहत शिविर भी बनाए गए हैं। ODRAF और फायर सर्विस की टीमें लगातार बचाव एवं राहत कार्यों में लगी हुई हैं। बाढ़ से निचले इलाकों में खेती को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका है।
केसी दलाई की कहानी ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि उफनती नदी के बीच जिंदगी कितनी मुश्किल परिस्थितियों में भी बच सकती है। हालांकि इस घटना में उनकी जान बचने के पीछे उनके अपने प्रयासों के साथ-साथ समय पर नाव सवार युवकों की नजर पड़ना भी बेहद अहम रहा।









