जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले दिल्ली में बड़ा एक्शन, धारा 163 लागू; 11 मेट्रो स्टेशन बंद, चप्पे-चप्पे पर पुलिस

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन को पुलिस ने नहीं दी अनुमति, सभा, धरना, जुलूस और नारेबाजी पर पाबंदी; सेंट्रल दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

नई दिल्ली। गांधी जयंती के दिन जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। इसके तहत बिना पूर्व लिखित अनुमति के पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस, प्रदर्शन, धरना और नारेबाजी पर रोक है। भाषण और पिकेटिंग पर भी अनुमति के बिना पाबंदी लागू है।

वहीं, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए 11 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद कर दिए हैं। ये पाबंदियां अगले आदेश तक लागू रहेंगी। हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस, नई दिल्ली और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रहेगी।

चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान

जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के प्रबंधन को लेकर किया जा रहा है। प्रदर्शन से जुड़े आयोजकों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और उनके इस्तीफे की मांग उठाई है। AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, वकील प्रशांत भूषण और राज्यसभा सांसद मनोज झा ने 2 अक्टूबर को प्रदर्शन का ऐलान किया था। आयोजकों के अनुसार प्रदर्शन सुबह 11 बजे जंतर-मंतर पर प्रस्तावित था।

AISA, SFI और DYFI समेत कुछ छात्र संगठनों ने इस प्रदर्शन में शामिल होने की घोषणा की है। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ राजनीतिक संगठनों और कार्यकर्ताओं के भी इसमें शामिल होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी है।

SIR को लेकर क्यों गरमाया मामला

प्रदर्शन के पीछे मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर उठे सवाल भी प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं। आयोजकों और प्रदर्शन समर्थकों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली तथा मतदाता सूची से जुड़े फैसलों पर सवाल उठाए हैं।

हाल में सामने आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कुछ फैसलों और आदेशों पर आपत्तियां जताई थीं। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन दावों के विपरीत कहा है कि आयोग के तीनों सदस्यों ने SIR सहित सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए हैं। चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त तथा सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को चुनाव आयुक्त के रूप में दर्ज किया गया है। पुलिस ने लगाए बैरिकेड्स, सुरक्षा बढ़ाई

प्रदर्शन की घोषणा के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। जंतर-मंतर की ओर जाने वाली सड़कों पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं और सेंट्रल दिल्ली में यातायात व्यवस्था को भी नियंत्रित किया जा रहा है।

प्रशासन की ओर से यह कदम सार्वजनिक व्यवस्था और यातायात को नियंत्रित रखने के लिए उठाया गया है। धारा 163 के तहत बिना अनुमति प्रदर्शन या जमावड़े पर कार्रवाई की जा सकती है।

दिल्ली के 11 मेट्रो स्टेशन बंद

दिल्ली मेट्रो ने जिन 11 स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद किया है, उनमें जनपथ, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, INA, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली शामिल हैं।

हालांकि, इन स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा पूरी तरह बंद नहीं की गई है। DMRC के मुताबिक राजीव चौक, मंडी हाउस, नई दिल्ली और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर यात्री इंटरचेंज कर सकेंगे। ऐसे में यात्रियों को सेंट्रल दिल्ली की यात्रा से पहले मेट्रो और ट्रैफिक से जुड़े ताजा अपडेट देखने की सलाह दी गई है।

मुंबई में भी विरोध की घोषणा

दिल्ली के अलावा मुंबई में भी CJP की ओर से 2 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन की घोषणा की गई है। संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने शिवाजी पार्क में शाम 4 बजे जेल भरो आंदोलन की घोषणा की थी। मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में सभा की अनुमति के अधिकार को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट के 2013 के आदेश और इलाके के साइलेंस जोन होने का हवाला दिया है।

फिलहाल दिल्ली में जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी है। धारा 163 लागू होने और 11 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद किए जाने के बाद सेंट्रल दिल्ली में आवाजाही पर भी असर पड़ा है। प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद संगठनों की ओर से लोगों को जुटाने की घोषणा के कारण पुलिस और प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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