जंतर-मंतर पर महिला पत्रकार के साथ कथित बदसलूकी से मचा बवाल, थाने के बाहर रातभर डटे सैकड़ों पत्रकार; पुलिस को दिया अल्टीमेटम

स्वतंत्र पत्रकार रोजी ने ACP विवेक भगत पर कथित यौन उत्पीड़न और धक्का देने का लगाया आरोप, FIR की मांग को लेकर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर प्रदर्शन; CJP ने कहा, अब पुलिस के पास ज्यादा समय नहीं

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कवरेज के दौरान एक स्वतंत्र महिला पत्रकार ने दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पर कथित यौन उत्पीड़न और बदसलूकी का गंभीर आरोप लगाया है। आरोप के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ता गया और बड़ी संख्या में पत्रकार, वकील तथा छात्र कार्यकर्ता पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर जुट गए। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि महिला पत्रकार की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच शुरू की जाए। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बाद में तीन महिलाओं की शिकायतें स्वीकार कीं, जिनमें ACP विवेक भगत के खिलाफ शिकायत भी शामिल है।

कवरेज के दौरान क्या हुआ?

स्वतंत्र पत्रकार रोजी का आरोप है कि वह जंतर-मंतर पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की कार्यकर्ता नेहा बोरा की हिरासत की कवरेज कर रही थीं। इसी दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि ACP विवेक भगत ने उनके साथ आपत्तिजनक तरीके से व्यवहार किया और उन्हें धक्का दिया।

रोजी ने एक वीडियो संदेश में दावा किया कि शिकायत दर्ज कराने के लिए वह पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचीं, लेकिन कई घंटे बीत जाने के बावजूद FIR दर्ज नहीं की गई। उनका कहना था कि वह थाने में घंटों से बैठी थीं और पुलिस की ओर से कार्रवाई में देरी की जा रही थी।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच के बाद ही घटना के वास्तविक तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

थाने के बाहर पत्रकारों का प्रदर्शन

मामले की जानकारी सामने आने के बाद पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों का गुस्सा बढ़ गया। रिपोर्ट के मुताबिक बड़ी संख्या में पत्रकार पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हुए और शिकायत पर FIR दर्ज करने की मांग की। कई घंटे तक प्रदर्शन जारी रहने के बाद पुलिस ने शिकायतें स्वीकार कीं।

CJP से जुड़े सौरव दास ने आरोप लगाया कि पुलिस मामले में कार्रवाई करने के बजाय समय टाल रही थी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप में शिकायतकर्ता को तत्काल कानूनी प्रक्रिया उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

CJP ने दिया अल्टीमेटम

प्रदर्शन के दौरान CJP की ओर से पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए गए। सौरव दास के मुताबिक प्रदर्शनकारी पुलिस को जांच के लिए समय देने को तैयार थे, लेकिन रविवार सुबह तक कार्रवाई नहीं होने पर वे दोबारा थाने पहुंचकर FIR की कॉपी मांगेंगे।

मामले को लेकर CJP से जुड़े अन्य लोगों ने भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। एक अन्य आरोप में यह भी कहा गया कि महिला की शिकायत के बाद पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मामले को आगे नहीं बढ़ाने की सलाह दी। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पहले भी शिकायतों का दावा, लेकिन पुष्टि नहीं

CJP की ओर से यह दावा भी किया गया कि शिकायत में नामजद अधिकारी विवेक भगत के खिलाफ पहले भी इसी तरह की शिकायतें सामने आई थीं। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इसलिए इसे फिलहाल आरोप और संगठन के दावे के तौर पर ही देखा जा रहा है।

राहुल गांधी ने भी उठाया मामला

विवाद के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए मामले को लेकर दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक महिला पत्रकार पुलिस अधिकारी पर बदसलूकी का आरोप लगा रही है और बड़ी संख्या में पत्रकार केवल FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर थाने के बाहर बैठे हैं।

राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और पत्रकारों को घसीटने तथा उनके कैमरे छीने जाने जैसी घटनाएं हुईं। उन्होंने दिल्ली पुलिस के गृह मंत्रालय के अधीन होने का हवाला देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी जवाब मांगा।

जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल इस पूरे मामले में महिला पत्रकार के आरोप, प्रदर्शनकारियों के दावे और पुलिस की कार्रवाई को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। पुलिस की ओर से शिकायतों को स्वीकार किए जाने और मामले की प्रारंभिक जांच की प्रक्रिया के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।

मामले ने एक बार फिर प्रदर्शन स्थलों पर पत्रकारों की सुरक्षा, पुलिस की जवाबदेही और गंभीर शिकायतों पर FIR दर्ज करने की प्रक्रिया को लेकर बहस तेज कर दी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस जांच में क्या सामने आता है और शिकायत पर आगे की कानूनी कार्रवाई किस दिशा में बढ़ती है।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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