Gumla Maoist Case: 10 लाख के इनामी माओवादी कमांडर प्रसाद लकड़ा दोषी करार, 13 अक्टूबर को सजा पर होगी सुनवाई
चैनपुर के चर्चित नक्सली मामले में अदालत का फैसला, आर्म्स एक्ट और सीएलए एक्ट की धाराओं में दोषी ठहराया गया; सह आरोपी जीवन तिर्की को संदेह का लाभ

गुमला। झारखंड के गुमला जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के चर्चित माओवादी मामले में अदालत ने 10 लाख रुपये के इनामी हार्डकोर माओवादी और जोनल कमांडर रामप्रसाद लकड़ा उर्फ अशोक उर्फ प्रसाद लकड़ा को दोषी करार दिया है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-3 भूपेश कुमार की अदालत ने मंगलवार को सत्र वाद संख्या 139/2016 में फैसला सुनाते हुए उसे आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-ए), 26(2), 35 और 17 सीएलए एक्ट के तहत दोषी माना।
अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 13 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है। अब इस दिन अदालत यह तय करेगी कि जिन धाराओं में प्रसाद लकड़ा को दोषी ठहराया गया है, उनके तहत उसे कितनी सजा दी जाएगी।
22 साल तक माओवादी गतिविधियों से जुड़ा होने का दावा
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, प्रसाद लकड़ा लंबे समय तक गुमला के जंगलों में सक्रिय माओवादी संगठन से जुड़ा रहा और संगठन में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती थी। पुलिस रिकॉर्ड में उस पर 13 पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल होने का आरोप भी दर्ज रहा है।
बताया गया है कि प्रसाद लकड़ा करीब 22 वर्षों तक माओवादी गतिविधियों से जुड़ा रहा। पुलिस के मुताबिक, वह अक्सर 35 से 40 हथियारबंद माओवादियों के सुरक्षा घेरे में चलता था। हालांकि, इन पुराने आरोपों का अंतिम न्यायिक निर्धारण संबंधित मामलों की प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
2015 में मुठभेड़ के बाद हुई थी गिरफ्तारी
पुलिस ने 11 जून 2015 को चैनपुर थाना क्षेत्र के कटकाही नाला जंगल के पास मुठभेड़ के बाद प्रसाद लकड़ा समेत तीन माओवादियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि प्रसाद लकड़ा का दस्ता जंगल में मौजूद है। इसके बाद तत्कालीन पूर्व एएसपी पवन सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलाके में अभियान चलाया।
पुलिस के अनुसार, सुरक्षाबलों के पहुंचते ही माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई के बाद माओवादी जंगल की ओर भागने लगे। इसी दौरान प्रसाद लकड़ा, जीवन तिर्की और फ्रांसिस खलखो को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना था कि प्रसाद लकड़ा के साथ चल रहे हथियारबंद सुरक्षा घेरे के अन्य सदस्य मौके से फरार हो गए थे।
गिरफ्तारी के बाद से न्यायिक हिरासत में है प्रसाद लकड़ा
11 जून 2015 को गिरफ्तारी के बाद से प्रसाद लकड़ा न्यायिक हिरासत में है। मंगलवार को अदालत में सुनवाई के दौरान उसे रांची के बीएमसी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया।
इसी मामले के सह आरोपी जीवन तिर्की को अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। वहीं अदालत ने प्रसाद लकड़ा को संबंधित धाराओं में दोषी करार दिया है।
अब मामले में अगली महत्वपूर्ण तारीख 13 अक्टूबर है। इसी दिन अदालत सजा के बिंदु पर सुनवाई करेगी और दोषी ठहराए गए प्रसाद लकड़ा की सजा को लेकर फैसला किया जाएगा।









