Atal Tunnel: बर्फीली वादियों के बीच अटल टनल पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, BRO अधिकारियों से जानी सुरंग की पूरी कहानी

हिमाचल दौरे के दूसरे दिन राष्ट्रपति ने टनल की संरचना, सुरक्षा और सामरिक महत्व की ली जानकारी, मनाली में हिडिंबा मंदिर जाने का भी कार्यक्रम

मनाली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु बुधवार सुबह हिमाचल प्रदेश के रोहतांग स्थित अटल टनल पहुंचीं। हिमाचल प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन राष्ट्रपति ने अटल टनल का निरीक्षण किया और सीमा सड़क संगठन यानी BRO के अधिकारियों से टनल की संरचना, निर्माण, संचालन और सामरिक महत्व से जुड़ी जानकारी ली।

राष्ट्रपति भवन की ओर से पहले ही राष्ट्रपति के 6 से 8 अक्टूबर तक हिमाचल प्रदेश दौरे की जानकारी दी गई थी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 7 अक्टूबर को उनका अटल टनल रोहतांग का दौरा तय था। राष्ट्रपति के पहुंचने के दौरान मनाली और रोहतांग क्षेत्र में मौसम ठंडा रहा और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के कारण ठिठुरन बढ़ी हुई थी।

ऊनी कोट पहनकर पहुंचीं राष्ट्रपति, प्राकृतिक नजारों का भी लिया आनंद

ठंडे मौसम को देखते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु लंबा ऊनी कोट पहनकर अटल टनल पहुंचीं। टनल के छोर पर उन्होंने कुछ देर रुककर आसपास के पहाड़ी और प्राकृतिक दृश्यों को देखा। इस दौरान उन्होंने तस्वीरें भी खिंचवाईं।

BRO अधिकारियों ने राष्ट्रपति को अटल टनल की लंबाई, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और इसके संचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि किस तरह टनल के जरिए सालभर संपर्क बनाए रखने में मदद मिलती है।

हिमाचल और लाहौल-स्पीति के लिए बेहद अहम है अटल टनल

अटल टनल हिमाचल प्रदेश के मनाली और लाहौल-स्पीति क्षेत्र के बीच संपर्क के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण परियोजना मानी जाती है। इसके निर्माण के बाद रोहतांग दर्रे से होकर गुजरने वाले लंबे और कठिन रास्ते की निर्भरता काफी कम हुई है।

यह टनल न केवल स्थानीय लोगों के लिए आवागमन आसान बनाती है, बल्कि पर्यटन और सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। सीमा से जुड़े क्षेत्रों तक संपर्क मजबूत करने में इसकी अहम भूमिका मानी जाती है।

राष्ट्रपति ने टनल में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों से इसके रखरखाव, संचालन और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली।

तीन दिवसीय हिमाचल दौरे पर हैं राष्ट्रपति

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 6 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश पहुंची थीं। दौरे के पहले दिन उन्होंने बिलासपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स के प्रथम दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया था।

दौरे के दूसरे दिन उनका कार्यक्रम लाहौल-स्पीति जिले के रोहतांग क्षेत्र में स्थित अटल टनल के भ्रमण का रहा। राष्ट्रपति भवन की ओर से उनके दौरे का कार्यक्रम पहले ही जारी किया गया था।

बर्फबारी और ठंडी हवाओं के बीच सुरक्षा के विशेष इंतजाम

राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने मनाली से लेकर अटल टनल तक विशेष सुरक्षा व्यवस्था की। राष्ट्रपति की आवाजाही वाले मार्गों पर सुरक्षा बढ़ाई गई और वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी करते रहे।

इस बीच हिमाचल के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम बदलने से ठंड बढ़ गई है। पहाड़ियों पर बर्फबारी के कारण कई इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मनाली में बुधवार सुबह आसमान में बादल छाए रहे, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और ठंडी हवाओं का असर देखने को मिला।

भारतीय मौसम विभाग ने 7 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और आंधी की संभावना को लेकर चेतावनी जारी की थी। 8 और 9 अक्टूबर को भी कुछ इलाकों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है।

हिडिंबा मंदिर भी जाएंगी राष्ट्रपति

अटल टनल का दौरा पूरा करने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का मनाली में अन्य कार्यक्रम भी निर्धारित है। दोपहर करीब तीन बजे उनके माता हिडिंबा मंदिर जाने का कार्यक्रम है।

देवदार के घने जंगलों के बीच स्थित हिडिंबा मंदिर मनाली के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शामिल है। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

प्रशासन राष्ट्रपति के कार्यक्रम के साथ-साथ बदलते मौसम और यातायात व्यवस्था पर भी नजर बनाए हुए है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण पर्यटकों में उत्साह बढ़ा है, लेकिन प्रशासन की ओर से मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने और स्थानीय निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

सामरिक और पर्यटन दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण परियोजना

अटल टनल रोहतांग को आधुनिक इंजीनियरिंग और सीमा सड़क संगठन की प्रमुख परियोजनाओं में गिना जाता है। यह सुरंग सीमा क्षेत्रों तक संपर्क मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय आबादी और पर्यटकों के लिए भी महत्वपूर्ण है।

राष्ट्रपति के दौरे के दौरान BRO अधिकारियों ने उन्हें परियोजना के संचालन और रखरखाव से जुड़ी जानकारी दी। सीमा क्षेत्रों में सड़क और सुरंग जैसी आधारभूत परियोजनाओं को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। अटल टनल ने मनाली और लाहौल-स्पीति के बीच सालभर संपर्क को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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