बाहर से आम कमरा, अंदर चल रहा था खौफनाक खेल; दिल्ली से युवतियां बुलाकर ग्राहकों को भेजी जा रही थीं, छापे में नाबालिग भी मिली
पटेलनगर के नीलकंठ एन्क्लेव में पुलिस की दबिश से खुला कथित देह व्यापार का नेटवर्क, तीन महिलाओं और तीन पुरुषों को किया गिरफ्तार; कमरे से 18 हजार रुपये और आपत्तिजनक सामग्री बरामद

देहरादून। बाहर से देखने पर यह कमरा शहर की किसी भी सामान्य रिहायशी कॉलोनी जैसा ही नजर आता था, लेकिन पुलिस के अनुसार इसके भीतर लंबे समय से एक कथित देह व्यापार का नेटवर्क चलाया जा रहा था। पटेलनगर के हरभजवाला स्थित नीलकंठ एन्क्लेव में किराये के कमरे से दिल्ली और आसपास के इलाकों से युवतियों को बुलाकर ग्राहकों तक पहुंचाने का आरोप सामने आया है। पुलिस ने एक अक्टूबर को सूचना के आधार पर छापा मारा तो मौके से तीन महिलाएं और तीन पुरुष मिले। इसी दौरान एक नाबालिग किशोरी भी कमरे में मिली, जिसे पुलिस ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
पुलिस ने मामले में छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। कमरे से 18 हजार रुपये नकद और आपत्तिजनक सामग्री बरामद होने की भी जानकारी दी गई है। पुलिस अब इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
फोन और WhatsApp पर तय होती थी ग्राहकों की मांग
पुलिस के मुताबिक, कथित नेटवर्क में ग्राहकों से फोन पर संपर्क किया जाता था। इसके बाद WhatsApp के जरिए युवतियों की तस्वीरें भेजी जाती थीं। ग्राहक की पसंद तय होने के बाद संबंधित युवती को किराये के कमरे या ग्राहक के बताए स्थान पर भेजे जाने का आरोप है।
पुलिस की जांच में सामने आया कि यह पूरा काम केवल देहरादून तक सीमित नहीं था। कथित तौर पर ग्राहकों की मांग के अनुसार दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से युवतियों को बुलाया जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग जुड़े हुए थे और युवतियों को देहरादून लाने की व्यवस्था कौन करता था।
मुखबिर की सूचना के बाद कमरे पर पहुंची पुलिस
पटेलनगर कोतवाली पुलिस को एक अक्टूबर को नीलकंठ एन्क्लेव में कथित देह व्यापार की सूचना मिली थी। प्रभारी निरीक्षक नरेश सिंह राठौर ने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी और पुलिस टीम के साथ मौके पर दबिश दी।
पुलिस के पहुंचते ही कमरे में मौजूद लोगों में हलचल मच गई। तलाशी के दौरान पुलिस को तीन महिलाएं और तीन पुरुष मिले। इसी दौरान एक नाबालिग किशोरी भी वहां मिली। पुलिस ने उसे तत्काल सुरक्षित बाहर निकाला। मौके से नकदी और अन्य सामग्री भी बरामद की गई।
मसूरी घुमाने के बहाने दिल्ली से लाई गई किशोरी
इस मामले में सबसे गंभीर आरोप नाबालिग किशोरी को लेकर सामने आया है। पुलिस के अनुसार, मनीष के साथी अभिषेक ने किशोरी को दिल्ली से मसूरी घुमाने के बहाने देहरादून लाया था। आरोप है कि इसके बाद उसे मनीष के किराये के कमरे में रखा गया।
पुलिस के मुताबिक, किशोरी पर गलत काम के लिए दबाव बनाया गया, लेकिन उसने इसका विरोध किया। इसके बाद उसे कथित तौर पर कमरे में ही रोककर रखा गया। पुलिस की छापेमारी के दौरान किशोरी को वहां से रेस्क्यू कर लिया गया। मामले में नाबालिग की सुरक्षा और उसके साथ हुई कथित घटना को लेकर पुलिस अलग से जांच कर रही है।
मुख्य आरोपित पहले भी जा चुका है जेल
पूछताछ में पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि मुख्य आरोपित मनीष कुमार लखेड़ा पर पहले भी देह व्यापार से संबंधित मामला दर्ज हो चुका है। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2016 में क्लेमेनटाउन थाने में उसके खिलाफ देह व्यापार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था और वह इस मामले में जेल भी जा चुका है।
पुलिस का आरोप है कि जेल से बाहर आने के बाद मनीष ने दोबारा किराये का कमरा लेकर कथित नेटवर्क शुरू किया और दिल्ली से युवतियों को बुलाकर ग्राहकों तक पहुंचाने का काम करने लगा।
छह आरोपित गिरफ्तार, POCSO समेत कई धाराओं में केस
पुलिस ने इस मामले में मनीष कुमार लखेड़ा निवासी हरभजवाला, अभिषेक निवासी महावीर नगर दिल्ली, भानू उर्फ सिद्धांत निवासी बडोवाला, ममता निवासी पूर्वी दिल्ली, नेहा निवासी संगम विहार दिल्ली और सुमन निवासी कल्याणपुरी दिल्ली को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपितों के खिलाफ पटेलनगर कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो अधिनियम और अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि दिल्ली से युवतियों को देहरादून बुलाने, ग्राहकों तक पहुंचाने और इस कथित धंधे को संचालित करने में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
रिहायशी कॉलोनी के एक किराये के कमरे से सामने आए इस मामले ने पुलिस के सामने भी कई सवाल खड़े किए हैं। खासकर नाबालिग किशोरी के मिलने के बाद जांच का दायरा और गंभीर हो गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।









