BCCI ने छीनी कप्तानी, टीम इंडिया से बाहर किया तो सूर्यकुमार यादव ने लिया बड़ा फैसला; रणजी में बल्ले से देंगे जवाब
टी20 टीम से लगातार नजरअंदाज किए जाने के बाद सूर्यकुमार यादव ने घरेलू क्रिकेट का रुख किया, रणजी ट्रॉफी में मुंबई के लिए उतरेंगे; 11 अक्टूबर को चंडीगढ़ के खिलाफ खेल सकते हैं

मुंबई। भारतीय टी20 टीम की कप्तानी गंवाने और फिर टीम से बाहर किए जाने के बाद स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने अपनी फॉर्म वापस पाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सूर्यकुमार यादव रणजी ट्रॉफी 2026-27 में मुंबई की सीनियर टीम के लिए उपलब्ध रहेंगे। वह 11 अक्टूबर से वानखेड़े स्टेडियम में चंडीगढ़ के खिलाफ होने वाले एलीट ग्रुप डी के मुकाबले में मुंबई की जर्सी में खेलते नजर आ सकते हैं।
सूर्यकुमार के लिए यह घरेलू क्रिकेट में वापसी काफी अहम मानी जा रही है। लंबे समय से रेड-बॉल क्रिकेट से दूर रहने के बाद अब वह रणजी ट्रॉफी में बड़ी पारियां खेलकर अपनी फॉर्म और फिटनेस साबित करने की कोशिश करेंगे।
MCA अध्यक्ष से खुद किया संपर्क
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सूर्यकुमार यादव ने खुद मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अजिंक्य नाइक से संपर्क किया और रणजी ट्रॉफी के आगामी सीजन में अपनी उपलब्धता की पुष्टि की।
सूर्यकुमार ने अपना आखिरी प्रोफेशनल मुकाबला आईपीएल 2026 में खेला था। रेड-बॉल क्रिकेट में वह आखिरी बार फरवरी 2025 में नागपुर में विदर्भ के खिलाफ मुंबई की ओर से मैदान पर उतरे थे।
अब रणजी ट्रॉफी में उनकी वापसी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन उनके लिए भारतीय टीम में वापसी का रास्ता खोल सकता है।
रेड-बॉल क्रिकेट में मजबूत है सूर्या का रिकॉर्ड
टी20 क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए मशहूर सूर्यकुमार यादव का फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में भी अच्छा रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने अब तक 86 फर्स्ट-क्लास मैचों की 144 पारियों में 42.33 की औसत से 5,758 रन बनाए हैं।
उनके नाम फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 14 शतक और 30 अर्धशतक दर्ज हैं। ऐसे में रणजी ट्रॉफी में उनकी वापसी से मुंबई की बल्लेबाजी को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कप्तानी जाने के बाद टीम इंडिया से भी हुए बाहर
सूर्यकुमार यादव के लिए पिछले कुछ समय में चीजें तेजी से बदली हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीतने के बाद चयन समिति ने टीम में बदलाव किया और सूर्यकुमार से टी20 कप्तानी लेकर श्रेयस अय्यर को नया कप्तान बनाया गया।
इसके बाद सूर्यकुमार को आयरलैंड, इंग्लैंड, जिम्बाब्वे और अफगानिस्तान दौरों के साथ हालिया एशियन गेम्स के लिए चुनी गई टीमों में भी जगह नहीं मिली। चयनकर्ताओं की ओर से उनके प्रदर्शन और गिरते फॉर्म को लेकर सवाल उठाए गए।
लगातार टीम से बाहर रहने के बाद अब सूर्यकुमार ने घरेलू क्रिकेट का रास्ता चुना है। रणजी ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यहां बड़ी पारियां खेलकर वह चयनकर्ताओं के सामने अपनी दावेदारी मजबूत कर सकते हैं।
बल्ले से जवाब देने की तैयारी में सूर्या?
सूर्यकुमार यादव की रणजी ट्रॉफी में वापसी को सिर्फ घरेलू क्रिकेट खेलने के फैसले के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। यह उनके लिए खुद को दोबारा साबित करने का मौका भी है।
टी20 क्रिकेट में लंबे समय तक भारतीय टीम के अहम बल्लेबाज रहे सूर्यकुमार अब रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी की लय हासिल करना चाहेंगे। अगर वह रणजी ट्रॉफी में लगातार बड़ी पारियां खेलने में सफल रहते हैं तो भारतीय टीम के दरवाजे दोबारा उनके लिए खुल सकते हैं।
हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि 11 अक्टूबर को चंडीगढ़ के खिलाफ मुकाबले में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है या नहीं और लंबे अंतराल के बाद रेड-बॉल क्रिकेट में उनका प्रदर्शन कैसा रहता है।
मुंबई को शार्दुल ठाकुर के रूप में लगा झटका
रणजी ट्रॉफी सीजन शुरू होने से पहले मुंबई की टीम को एक बड़ा झटका भी लगा है। पूर्व कप्तान और अनुभवी ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर शुरुआती मुकाबलों से बाहर हो सकते हैं।
प्रैक्टिस सेशन के दौरान बल्लेबाज आयुष म्हात्रे का एक तेज शॉट सीधे शार्दुल ठाकुर के हाथ पर जा लगा, जिसके बाद वह चोटिल हो गए। उनकी चोट के कारण मुंबई के गेंदबाजी और ऑलराउंड विकल्पों को झटका लगा है।
ऐसे में एक तरफ मुंबई को शार्दुल की कमी खलेगी, तो दूसरी तरफ टीम को सूर्यकुमार यादव की वापसी से बल्लेबाजी में मजबूती मिलने की उम्मीद होगी। अब रणजी ट्रॉफी के शुरुआती मुकाबलों में मुंबई के प्रदर्शन के साथ-साथ सभी की नजरें सूर्यकुमार यादव के बल्ले पर भी रहेंगी।









